डीडवाना – कुचामन जिले की कुचामन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत दीपपुरा इन दिनों भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। गांव की ढाणियों सहित पंचशील कॉलोनी, रैगर मोहल्ला और मेघवाल बस्ती में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को सोमवार को पानी के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। घर-घर नल योजना की बदहाली, पाइपलाइन नहीं बिछने और अनियमित जलापूर्ति से नाराज़ ग्रामीणों जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

भगत सिंह यूथ ब्रिगेड की अगुवाई में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष हाथों में मटके व घड़े लेकर डुकिया पेट्रोल पंप के पीछे स्थित बस्ती में एकत्रित हुए और फिर जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “पानी दो वरना कुर्सी छोड़ो”, “सरकार सोई है जनता रोई है”, “अब नहीं सहेंगे, पानी लेकर रहेंगे” और “सुनो सरकार, प्यासी जनता करे पुकार” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। बाद में प्रदर्शनकारी टंकी के पास पहुंचे और जलदाय विभाग कार्यालय के समक्ष भी विरोध दर्ज कराया।

ग्रामीणों का आरोप है कि घर-घर नल योजना कागजों तक सीमित रह गई है। कई बस्तियों में आज तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। नियमित जलापूर्ति नहीं होने से आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।
इस मौके पर भगत सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष एवं विश्व जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष परसाराम बुगालिया ने कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़ रहा है, यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल है और प्रशासन की घोर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, पाइपलाइन दुरुस्त नहीं की गई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन के बाद ब्रिगेड के प्रतिनिधिमंडल ने जलदाय विभाग को स्थायी समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कमलकांत डोडवाडिया, मुननाराम महला, सीताराम जाटोलिया, महेश कुमार जाटोलिया, मूलचंद मोहनपुरिया, नंदूराम खोरवाल, गजेंद्र झाड़ोलिया, नरेंद्र मोहनपुरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहें
