डीडवाना–कुचामन जिले के नावां क्षेत्र में उप जिला चिकित्सालय के लिए प्रस्तावित भूमि आवंटन को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। नावां से करीब 8 किलोमीटर दूर ग्राम राजास में अस्पताल के लिए भूमि आवंटन के फैसले पर कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं पूर्व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने भाजपा सरकार और प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री एवं नावां विधायक विजय सिंह चौधरी पर सीधा और तीखा हमला बोला है। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए इसे आम जनता के साथ खुली नाइंसाफी करार दिया।
8 किलोमीटर दूर अस्पताल, आमजन पर सीधा असर
महेंद्र चौधरी ने कहा कि नावां जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए उप जिला चिकित्सालय एक बुनियादी जरूरत है, लेकिन उसे शहर से आठ किलोमीटर दूर स्थानांतरित करना आम मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भारी परेशानी खड़ी करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन दबावों और किन हितों के चलते अस्पताल को आबादी से दूर ले जाया जा रहा है। चौधरी ने जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत के भूमि आवंटन निर्णय पर भी सवाल खड़े किए।

भाजपा विधायक को बताया जनविरोधी और चिकित्सा विरोधी
पूर्व उप मुख्य सचेतक ने मंत्री विजय सिंह चौधरी को जनविरोधी और चिकित्सा विरोधी जनप्रतिनिधि करार देते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में नावां और घाटवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जो बड़ी स्वीकृतियां मिली थीं, उन्हें आज तक धरातल पर नहीं उतारा जा सका। उन्होंने कहा कि जनहित के बजाय निजी और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
भूमि आवंटन पर संदेह, भू-माफिया से मिलीभगत की आशंका
महेंद्र चौधरी ने राजास में भूमि आवंटन को संदिग्ध बताते हुए इसमें भू-माफिया से मिलीभगत की आशंका भी जताई। उन्होंने कुचामन वैली में चिकित्सालय निर्माण को लेकर हुए पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी इसी तरह के फैसलों से जनता को नुकसान उठाना पड़ा है और अब वही कहानी दोहराई जा रही है।
कांग्रेस कार्यकाल की स्वीकृतियों का दिलाया स्मरण
पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नावां शहर में लाल बहादुर स्टेडियम में उप जिला चिकित्सालय के लिए भूमि आवंटित की गई थी और 41 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी जारी हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश लाकर इस निर्माण कार्य को जानबूझकर रुकवाया गया। बाद में स्थगन निरस्त होने के बावजूद भी निर्माण कार्य में देरी की गई।
महिला थाना और कुचामन जिला मुद्दे पर भी निशाना
महेंद्र चौधरी ने सिर्फ अस्पताल के मुद्दे तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित नावां महिला थाना बाद में दूदू स्थानांतरित कर दिया गया और गहलोत सरकार के समय अलग जिला घोषित किए गए कुचामन को भी भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया। उन्होंने इसे स्थानीय विधायक और मंत्री विजय सिंह चौधरी की बड़ी राजनीतिक विफलता बताया।
भाजपा के दो साल के कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के आरोप
पूर्व उप मुख्य सचेतक ने भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल को भ्रष्टाचार से भरा बताते हुए कहा कि आज कोई भी सरकारी कार्यालय बिना पैसे के काम नहीं कर रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेके केवल अपने चहेतों को दिए गए और गरीबों की जमीनें हड़पी गईं। चौधरी ने कहा कि आम नागरिक इस शासन में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

सरकारी कार्यक्रमों पर तंज
महेंद्र चौधरी ने सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रहे हैं और इनमें दो अंकों में भी लोग नहीं पहुंच रहे, जो सरकार के प्रति जनता की नाराजगी को साफ दिखाता है।
अपराध बढ़ने का आरोप
प्रेस वार्ता में चौधरी ने नावां–कुचामन क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र धीरे-धीरे अपराध का गढ़ बनता जा रहा है, लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधि आंखें मूंदे बैठे हैं।
सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
महेंद्र चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उप जिला चिकित्सालय, महिला थाना और जिले से जुड़े जनहित के मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की लड़ाई किसी भी कीमत पर लड़ी जाएगी और जरूरत के मुताबिक कोर्ट में भी जाएंगे।
