“जुनून और श्रद्धा का संगम:: 57 दिन में तीन धाम पूरे, अब अंतिम पड़ाव गंगोत्री की ओर आदित्य शेखावत”

कुचामन सिटी उपखंड के परेवड़ी निवासी युवा आदित्य शेखावत ने अपनी आस्था और दृढ़ संकल्प से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन गया है। 23 जुलाई 2025 को उन्होंने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चार धाम की कठिन पैदल यात्रा का संकल्प लिया था। आज उनकी इस पदयात्रा का 57वां दिन है और वे तीन धाम—केदारनाथ, बद्रीनाथ और यमुनोत्री के दर्शन कर चुके हैं। अब वे अपनी अंतिम मंजिल गंगोत्री धाम की ओर रवाना हो गए हैं।

लगभग दो माह से चल रही इस पदयात्रा में आदित्य ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों, ऊँचाई पर घटते ऑक्सीजन स्तर और प्रतिकूल मौसम जैसी कठिन चुनौतियों का सामना किया, लेकिन आस्था और श्रद्धा के बल पर कभी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि “चार धाम यात्रा मेरे जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक अनुभव है। ईश्वर की कृपा और आस्था की ताकत ने हर मुश्किल को आसान बना दिया। यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने और जीवन में नई दृष्टि देने वाली रही है।”

इस मौके पर आदित्य के बड़े भाई भाजपा के युवा नेता अनिल सिंह शेखावत ने भी अपने छोटे भाई के इस अदम्य साहस और श्रद्धा पर गर्व जताते हुए कहा “भाई ने जिस जज़्बे और आस्था के साथ यह कठिन यात्रा शुरू की है, वह हमारे पूरे परिवार और गाँव के लिए गर्व की बात है। उनका यह संकल्प हम सबके लिए प्रेरणा है कि विश्वास और मेहनत से कोई भी मंज़िल पाई जा सकती है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे चारों धाम की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करेंगे।”

आदित्य की यह यात्रा समाज के लिए एक संदेश है कि जब इंसान किसी लक्ष्य को पूरी निष्ठा और विश्वास से अपनाता है, तो कोई कठिनाई उसके रास्ते को रोक नहीं सकती। उन्होंने यह भी कहा कि “ऐसी यात्राएं भाईचारे को मजबूत करती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। हर व्यक्ति को कभी न कभी धार्मिक यात्रा अवश्य करनी चाहिए।”

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