सिर और शरीर पर पंजों के चोट के निशान मिले, मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम; नाखून-दांत सुरक्षित मिलने से अवैध शिकार की आशंका नहीं
डीडवाना-कुचामन। परबतसर उपखंड क्षेत्र के ग्राम सीडियास के जंगल में बुधवार को एक नर पैंथर का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। पैंथर का शव पहाड़ी की तलहटी के समीप एक खेत में पड़ा मिला। स्थानीय निवासी हरि सिंह और अन्य ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच के बाद शव को सुरक्षित रेंज परिसर पहुंचाया।
स्थानीय निवासी हरि सिह ने बताया कि उन्हें खेत में काम कर रहे कृषको से इस बारे में जानकारी मिली थी ,इसके बाद उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पैंथर का शव करीब दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में उसके सिर और शरीर पर पंजों तथा चोट के निशान मिले हैं। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि नर और मादा पैंथर के बीच संघर्ष हुआ होगा, जिसमें नर पैंथर घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
वन विभाग की टीम ने रेंजर राकेश मालाकार के नेतृत्व में मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद पैंथर के शव को सुरक्षित तरीके से रेंज परिसर लाया गया, जहां पशु चिकित्सा अधिकारियों के गठित मेडिकल बोर्ड ने नियमानुसार पोस्टमार्टम किया।
मेडिकल बोर्ड में डॉ. प्रशांत हांडे, डॉ. सुदेश शर्मा और भकरी के डॉ. पुरुषोत्तम पुरोहित शामिल रहे। पोस्टमार्टम के दौरान पैंथर के शरीर की विस्तृत जांच की गई। वन विभाग की टीम ने उसके नाखून और दांत भी जांचे, जो सुरक्षित पाए गए।

नाखून-दांत सुरक्षित, इसलिए शिकार की आशंका कम
रेंजर राकेश मालाकार के अनुसार अवैध शिकार की स्थिति में अक्सर पैंथर के नाखून और दांत निकाल लिए जाने की आशंका रहती है, लेकिन इस मामले में नाखून और दांत सुरक्षित मिले हैं। ऐसे में प्रथम दृष्टया अवैध शिकार की आशंका नहीं मानी जा रही है। मौत का सटीक कारण मेडिकल बोर्ड की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
खुड़ियास से हुलढाणी तक देखी जा रही पैंथर की मूवमेंट
वन विभाग के अनुसार परबतसर क्षेत्र अरावली पर्वतमाला से जुड़ा हुआ है। खुड़ियास, बाबायचा और हुलढाणी सहित आसपास के पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्र में पिछले कुछ समय से पैंथर की मौजूदगी देखी जाती रही है। कुछ दिन पहले भी क्षेत्र के जंगलों में पैंथर की मूवमेंट सामने आई थी। ग्रामीणों के अनुसार पैंथर द्वारा मवेशियों का शिकार किए जाने की घटनाएं भी पहले सामने आ चुकी हैं।

वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं, पैंथर के शव का वन्यजीव संरक्षण नियमों एवं उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम निस्तारण किया गया।
वन विभाग की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पैंथर की मौत के वास्तविक कारण का खुलासा होने की उम्मीद है।
