कुचामन में निकाय चुनाव की चौसर बिछी, भाजपा-कांग्रेस के बाद RLP की एंट्री से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय
आचार संहिता लागू होते ही चढ़ा चुनावी रंग, 9 सितंबर को मतदान… टिकट के लिए दावेदारों की कतार, जीत के लिए दलों ने कसी कमर
कुचामन सिटी। निकाय चुनाव की तारीख तय होते ही कुचामन शहर की सियासत में चुनावी गर्मी बढ़ गई है। 9 सितंबर को मतदान होना है और इसके साथ ही भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने अपने-अपने मोर्चे खोल दिए हैं। टिकट की दौड़ से लेकर वार्डों के समीकरण और जीत की रणनीति तक… चुनावी चौसर पर हर पार्टी अपनी-अपनी चाल चलने में जुट गई है।

अब तक आमने-सामने दिख रही भाजपा और कांग्रेस की चुनावी जंग में RLP की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
भाजपा ने खोला टिकट का पिटारा, पहले दिन 60 से ज्यादा आवेदन
भाजपा कुचामन शहर ने पार्षद पद के दावेदारों से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 21 से 23 अगस्त तक भाजपा कार्यालय में सुबह 9:30 से शाम 6:30 बजे तक आवेदन फॉर्म प्राप्त और जमा किए जा रहे हैं।
निकाय चुनाव समन्वयक एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा ने बताया कि पहले ही दिन 60 से ज्यादा आवेदकों ने पार्षद पद के लिए आवेदन फॉर्म लिए हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आवेदनों की स्क्रूटनिंग की जाएगी और संगठन के निर्देशानुसार पैनल तैयार कर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

पलाड़ा ने साफ कहा कि भाजपा की प्राथमिकता ‘जिताऊ और टिकाऊ’ प्रत्याशी है। पार्टी हर वार्ड में ऐसे चेहरे को मैदान में उतारने की कोशिश करेगी, जो संगठन के साथ मजबूत जुड़ाव रखने के साथ चुनावी मुकाबले में जीत हासिल करने की क्षमता रखता हो।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा का लक्ष्य कुचामन सिटी नगर परिषद सहित डीडवाना-कुचामन जिले के सभी आठ निकायों में जीत हासिल करना है।
वार्डवार जिम्मेदारियां तय, चुनाव प्रबंधन समिति भी मैदान में
भाजपा ने चुनाव को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए वार्डवार चुनाव प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए हैं। साथ ही नगर निकाय चुनाव प्रबंधन समिति का गठन कर संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

बैठक में संगठनात्मक तैयारियों, वार्डवार जिम्मेदारियों और चुनावी रणनीति को लेकर पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया है।
कांग्रेस भी टिकट की रेस में पीछे नहीं, 100 के करीब आवेदन
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन, चुनाव संचालन और आपसी समन्वय के लिए कोर कमेटी का गठन किया है।
कांग्रेस के कुचामन सिटी नगर अध्यक्ष सुतेंद्र सारस्वत ने बताया कि प्रत्याशियों से आवेदन लिए जा चुके हैं। अब तक करीब 100 आवेदन प्रत्याशी ले चुके हैं, जबकि 50 से अधिक आवेदन भरकर वापस जमा भी कराए जा चुके हैं।

कुचामन कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भंवर अली खान ने कहा कि इस बार पार्टी अनुभव के साथ युवा शक्ति को भी टिकट देने में प्राथमिकता देगी। उन्होंने बताया कि डीडवाना-कुचामन यूथ कांग्रेस के जिला पर्यवेक्षक आसिफ पंवार भी जिले के दौरे पर हैं और चुनावी तैयारियों को लेकर संगठन के साथ समन्वय कर रहे हैं।
RLP की एंट्री से बदले समीकरण, सभी 8 निकायों में उतारेगी प्रत्याशी
भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही चुनावी तैयारियों के बीच नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।
RLP के जिला प्रभारी भूराराम शेषमा ने बताया कि पार्टी डीडवाना-कुचामन जिले के सभी आठ निकायों में अपने प्रत्याशी उतारेगी। कुचामन सिटी और नावां में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित कर चुनावी रणनीति पर चर्चा भी की जा चुकी है।

बैठकों में जिला पर्यवेक्षक प्रभारी महेन्द्र डोरवाल, जिला संयोजक भूराराम शेषमा सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तीसरे मोर्चे की दस्तक से किसका बिगड़ेगा खेल?
RLP की एंट्री ने कुचामन के चुनावी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। चुनावी जानकारों के मुताबिक यदि RLP कई वार्डों में मजबूत प्रत्याशी उतारती है और उसे स्थानीय स्तर पर समर्थन मिलता है तो सीधे मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की क्षमता रख सकती है।
खास तौर पर ऐसे वार्ड, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच जीत का अंतर कम रहता है, वहां तीसरे प्रत्याशी को मिलने वाले वोट चुनावी परिणाम पर असर डाल सकते हैं। हालांकि RLP की वास्तविक ताकत का पता प्रत्याशियों के नाम सामने आने और प्रचार शुरू होने के बाद ही चलेगा।
टिकट से पहले ही शुरू हुई दावेदारों की ‘दौड़’
निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही सबसे ज्यादा हलचल टिकट के दावेदारों के बीच दिखाई दे रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। कई वार्डों में एक से अधिक दावेदार सामने आने से राजनीतिक दलों के लिए सही चेहरे का चयन बड़ी चुनौती बनने वाला है।

दूसरी तरफ RLP की ओर से प्रत्याशी उतारने की घोषणा ने उन वार्डों में भी मुकाबला रोचक कर दिया है, जहां अब तक भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही थी।
अब हर वार्ड में चलेगी ‘चुनावी चाल’
कुचामन की चुनावी चौसर पर फिलहाल तीन प्रमुख खिलाड़ी अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। भाजपा संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर मैदान में उतरने की तैयारी में है, कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और अपने संगठन के दम पर मुकाबला साध रही है, जबकि RLP तीसरे विकल्प के रूप में जगह बनाने की कोशिश में है।
आने वाले दिनों में टिकटों का ऐलान, बागियों की स्थिति, वार्डवार प्रत्याशियों के चेहरे और स्थानीय मुद्दे चुनाव की तस्वीर को और साफ करेंगे।

फिलहाल कुचामन की सियासी बिसात सज चुकी है… मोहरे तैयार हैं, खिलाड़ी मैदान में हैं और हर दल अपनी चाल चल रहा है। अब देखना होगा कि 9 सितंबर को जनता का वोट किसकी रणनीति को मात देता है और किसके सिर जीत का ताज सजता है।
