डीडवाना। डीडवाना-कुचामन जिले की बरड़वा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे में अंतरराज्यीय मंदिर चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सबसे अहम बात यह रही कि गिरोह के सरगना महिपाल के कब्जे से एक अवैध देसी कट्टा और 9 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी बेहद शातिर हैं और पकड़े जाने की स्थिति में इन हथियारों का इस्तेमाल कर किसी पर भी जानलेवा हमला कर सकते थे। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार और चोरी के औजार भी जब्त किए हैं, जबकि चोरी गए माल की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (IPS) ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस का समन्वित उपयोग कर रही है। धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस गिरोह का 72 घंटे के भीतर पर्दाफाश किया गया।
कई मंदिरों में एक साथ हुई थी चोरी
20 जुलाई 2026 को बरड़वा थाना क्षेत्र के पायली, सरदारपुरा खुर्द, दाउदसर और मोडियावट स्थित विभिन्न मंदिरों के ताले तोड़कर चांदी के छत्र, धार्मिक आभूषण और दानपात्रों में रखी नकदी चोरी कर ली गई थी। घटना के बाद बरड़वा थाने में मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई।

350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, वृताधिकारी जेठू सिंह, थाना प्रभारी मानवेन्द्र सिंह तथा मामले का नेतृत्व कर रहे पुलिस उप निरीक्षक महावीर सिंह मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया। साइबर साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर घटना में प्रयुक्त कार की पहचान कर आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में कई वारदातें कबूलीं
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पहले मंदिरों की रेकी करते थे और जहां रात में सुरक्षा कमजोर होती थी, वहां ताले तोड़कर चांदी के छत्र, धार्मिक आभूषण और नकदी चोरी कर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने लोसल, खूड़ (सीकर), चिताया (डीडवाना-कुचामन), सीकर कोतवाली, सीकर सदर सहित कई थाना क्षेत्रों में मंदिर चोरी और मोटरसाइकिल चोरी की वारदातें करना भी स्वीकार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है।

सरगना से मिला अवैध हथियार
गिरोह के मुख्य आरोपी महिपाल निवासी लोसल के कब्जे से एक अवैध देसी कट्टा और 9 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि आरोपी न केवल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे, बल्कि पकड़े जाने की स्थिति में हथियार का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते।
गिरफ्तार आरोपी
अजय कुमार भार्गव (24), निवासी कल्याणपुरा, श्रीमाधोपुर, जिला सीकर, हाल वैशाली नगर, जयपुर।
प्रियांशु उर्फ भानु (25), निवासी फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश), हाल श्याम नगर, सोडाला, जयपुर।
महिपाल, निवासी लोसल, जिला सीकर।

बरामदगी
घटना में प्रयुक्त कार, चोरी में प्रयुक्त औजार, एक अवैध देसी कट्टा और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। चोरी गए अन्य सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है।

वृताधिकारी जेठू सिंह ने बताया कि मंदिर चोरी की वारदात को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया था। घटना के तुरंत बाद विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्य, साइबर विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर जांच शुरू की गई। करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाकर उन्हें जयपुर से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान के कई जिलों में मंदिर चोरी और वाहन चोरी की वारदातें स्वीकार की हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान, गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चोरी करने वाले ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

मामले का नेतृत्व कर रहे पुलिस उप निरीक्षक महावीर सिंह मीणा ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और लगातार फील्ड कार्रवाई के जरिए 72 घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी तथा चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चोरी करने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस टीम
इस कार्रवाई में पुलिस उप निरीक्षक एवं चौकी प्रभारी सुदरासन महावीर सिंह मीणा, साइबर सेल प्रभारी प्रेम प्रकाश, थाना प्रभारी मानवेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल विनोद, कांस्टेबल नवीन कुमार मीणा, मुरारी, प्रहलाद, प्रभुराम, मुकेश, महेश कुमार, विजेंद्र, सीताराम, ताराचंद, रूपाराम और राजेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आमजन से अपील
एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने मंदिर प्रबंधन समितियों और आमजन से धार्मिक स्थलों पर मजबूत ताले, सीसीटीवी कैमरे और रात्रिकालीन निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम या निकटतम पुलिस थाने को देने का आग्रह किया गया है।
