कभी रही कुचामन की मशहूर’ सड़क! यहां सड़क पर गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क तलाशते हैं लोग

कुचामन सिटी। कुचामन शहर की सेवा समिति वाली गली आज प्रशासनिक उदासीनता की ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसे देखकर ऐसा लगता है मानो विकास की गाड़ी इस रास्ते पर आने से पहले ही यू-टर्न ले चुकी हो। कभी शहर की चौड़ी, साफ-सुथरी और मशहूर सड़कों में गिनी जाने वाली यह सड़क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।

एक दौर था जब सेवा समिति चिकित्सालय से मंगली देवी स्कूल तक जाने वाला यह मार्ग शहर की शान माना जाता था। सड़क इतनी चौड़ी और समतल थी कि शहर के छोटे-छोटे बच्चे यहीं साइकिल चलाना सीखते थे। लेकिन समय बदला, हालात बदले और शायद जिम्मेदारों की नजर भी इस सड़क से हट गई।
आज इस मार्ग की तस्वीर बिल्कुल उलट है। सड़क पर हुए अतिक्रमण ने इसकी चौड़ाई को निगल लिया है। और रास्ते को संकरा बना दिया है। ऊपर से सड़क की हालत ऐसी कि राहगीर अब यह समझ नहीं पाते कि गड्ढों के बीच सड़क है या सड़क के बीच गड्ढे।

स्थानीय दुकानदार लायन विष्णु मोयल का कहना है कि कभी यह शहर का प्रमुख मार्ग हुआ करता था, लेकिन आज नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन ने इसकी सुध लेना जैसे बंद ही कर दिया है। उनका कहना है कि सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और हर दिन वाहन चालक, पैदल राहगीर और स्कूली बच्चे परेशान होते हैं।

अगर कुचामन में “गड्ढा पर्यटन” शुरू हो जाए तो सेवा समिति वाली गली शायद पहला पर्यटन स्थल घोषित हो जाए। यहां हर कुछ कदम पर अलग-अलग आकार और गहराई के अनगिनत गड्ढे मौजूद हैं, जो मानो प्रशासन की कार्यशैली का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हों। ऐसा प्रतीत होता है कि कुचामन नगर परिषद इस सड़क को “हेरिटेज गड्ढा कॉरिडोर” घोषित करने की तैयारी में है, तभी तो वर्षों से इसकी किस्मत नहीं बदली।


स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावी मौसम में नेताओं के कदम इस गली तक जरूर पहुंच जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही सड़क भी फाइलों में गुम हो जाती है।
दुकानदारों और क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद से जल्द सेवा समिति वाली गली की पुरानी पहचान लौटाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह सड़क नहीं, बल्कि केवल गड्ढों का नक्शा बनकर रह जाएगी।

m

error: News 1 Rajasthan