राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP) के तत्वावधान में कुचामन स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान मरुधर नर्सिंग कॉलेज, कुचामन के छात्र-छात्राओं के दल ने नए बस स्टैंड के सामने स्थित एसटीपी का अवलोकन कर जलमल शोधन की आधुनिक प्रक्रिया और तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

यह भ्रमण राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के अधीक्षण अभियंता नेमीचन्द्र पवार, अधिशाषी अभियंता राजकुमार मीणा तथा सहायक अभियंता अनिल सैनी के निर्देशन में जन-जागरूकता इकाई द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकों तथा परियोजना के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्लांट की विभिन्न इकाइयों, उपकरणों और संरचनाओं का अवलोकन किया तथा जलमल शोधन की संपूर्ण प्रक्रिया को नजदीक से समझा।
आरयूआईडीपी की जन-जागरूकता इकाई की सविता शर्मा ने विद्यार्थियों को परियोजना के महत्व, स्वच्छता के लाभ, गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, डस्टबिन के सही उपयोग तथा सामुदायिक स्वच्छता में सीवरेज प्रणाली की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना शहर में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
कार्यक्रम में मैसर्स एल एंड टी लिमिटेड के O&M इंचार्ज शाहनवाज एवं साइट इंजीनियर समरजीत ने विद्यार्थियों को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की तकनीकी कार्यप्रणाली, जलमल के शोधन की प्रक्रिया तथा उपचारित जल के भविष्य में किए जाने वाले उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सीवरेज प्रणाली के उपयोग, रखरखाव और उसमें नागरिकों एवं विद्यार्थियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

विद्यालय की ओर से अध्यापक जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आरयूआईडीपी द्वारा आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। इससे उन्हें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे शैक्षणिक भ्रमणों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम के दौरान मैसर्स एल एंड टी लिमिटेड के सोशल आउटरीच सदस्य किशन सिंह, विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। भ्रमण के अंत में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी प्रश्न पूछे, जिनका समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला।
