सोशल मीडिया पर मिशन मानवता ग्रुप और अपना समाज 2018 की पहल : पीड़ित परिवार की मदद के लिए उठे हजारों हाथ

सोशल मीडिया पर मिशन मानवता ग्रुप और अपना समाज 2018 की पहल : पीड़ित परिवार की मदद के लिए उठे हजारों हाथ

सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग n बदली एक परिवार की तस्वीर

डीडवाना – कुचामन , सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों की चर्चा अक्सर होती रहती है, लेकिन डीडवाना – कुचामन जिले के nawan में सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को नई पहचान दी है। एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए सोशल मीडिया पर शुरू हुई मुहिम ने न केवल लाखों रुपये का सहयोग जुटाया, बल्कि तीन मासूम बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

कैंसर से हुई मृत्यु के बाद परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़

हाल ही में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के कारण नावां निवासी दानाराम कुमावत का निधन हो गया था। परिवार के मुखिया के चले जाने के बाद परिजनों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए मिशन मानवता ग्रुप और अपना समाज 2018 कुचामन-नावा सोशल मीडिया ग्रुप ने संयुक्त रूप से सोशल मीडिया par सहायता अभियान शुरू किया। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचाया गया, जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

आंसुओं के बीच उम्मीद की किरण, जुटे 5 लाख रुपये

अभियान शुरू होने के बाद समाज के विभिन्न वर्गों ने मानवीय मूल्यों का परिचय देते हुए आर्थिक सहयोग प्रदान किया। देखते ही देखते करीब 5 लाख रुपये की सहायता राशि एकत्रित हो गई। यह सहयोग केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार के भविष्य को संवारने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

तीनों बच्चों की शिक्षा का जिम्मा समाज ने उठाया

परिवार के तीनों बच्चों की शिक्षा को लेकर समाज के लोगों ने सराहनीय पहल की। सेवन डेज स्मार्ट एकेडमी, नावां की निदेशक श्रीमती लक्की gaud ने छोटे पुत्र राजवीर को प्ले ग्रुप से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक निशुल्क शिक्षा देने की घोषणा की।
वहीं, शेष दो बालिकाओं की शिक्षा की जिम्मेदारी लोकनायक स्कूल के निदेशक हनुमान प्रजापति ने लेते हुए माध्यमिक स्तर तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।

हर महीने मिलेगा निःशुल्क राशन

सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि परिवार की दैनिक जरूरतों का भी ध्यान रखा गया। ब्राह्मण समाज के युवा उद्यमी ने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने तक प्रतिमाह राशन सामग्री उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। इस निर्णय ने संकट की घड़ी में परिवार को बड़ी राहत प्रदान की है।

समाजसेवियों की रही अहम भूमिका

इस मानवीय अभियान को सफल बनाने में राधेश्याम कारगवाल, रमेश पिपलोदा, रतन राहोरिया, जगदीश राजोरा और गौरीशंकर मारवाल सहित अनेक लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन सभी के प्रयासों से यह सहायता अभियान एक जन-आंदोलन का रूप ले सका।

मानवीय मूल्यों को जीवित रखने वाली पहल

अपना समाज ग्रुप के एडमिन रतन राहोरिया ने कहा कि तीनों बच्चों की शिक्षा और परिवार के लिए राशन की व्यवस्था करने का निर्णय मानवीय मूल्यों को जीवित रखने वाला कदम है। वहीं मिशन मानवता ग्रुप के एडमिन राधेश्याम कारगवाल हेमपुरा ने कहा कि आमजन से मिल रहा सहयोग एक अधिक संवेदनशील, सहिष्णु और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण है।

सोशल मीडिया की सकारात्मक शक्ति का उदाहरण

यह पूरा अभियान इस बात का प्रमाण है कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन या विवादों का माध्यम नहीं है, बल्कि यदि उसका सही उपयोग किया जाए तो वह किसी जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद की नई रोशनी बन सकता है। नावा की यह पहल बताती है कि तकनीक और संवेदनाएं जब साथ आती हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो जाता है।

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