
कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, और इसका सजीव प्रमाण बनी है कुचामन सिटी की 1 साल 7 माह की नन्हीं बालिका विदिशा अग्रवाल, जिसने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति और तीव्र बुद्धि से इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 में अपना नाम दर्ज करवाकर पूरे नगर को गौरवान्वित किया है।

विदिशा अग्रवाल, कुचामन सिटी के शेखराजका की गली निवासी सुनील शेखराजका की पौत्री हैं। परिवारजनों के अनुसार, हाल ही में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा आयोजित एक विशेष प्रतिभा मूल्यांकन कार्यक्रम में विदिशा ने 100 से ज्यादा वस्तुओं की पहचान कर उनका नाम बिना झिझक के बताए।

विदिशा ने सब्जियों, फलों, जानवरों, पक्षियों, वाहनों, रंगों, शरीर के अंगों, नंबरों, स्वतंत्रता सेनानियों, विभिन्न पेशों और रोजमर्रा की चीजों की सहजता से पहचान की। उदाहरण के तौर पर, उसने टमाटर, आलू, गाजर जैसी सब्जियों से लेकर आम, केला, सेब जैसे फलों को भी पहचाना। इसके अलावा शेर, हाथी, बंदर जैसे जानवर, बस, कार, बाइक जैसी गाड़ियाँ, तथा डॉक्टर, टीचर और पुलिस जैसे प्रोफेशन भी बड़ी आसानी से बताए।
इतना ही नहीं, विदिशा ने 1 से 100 तक की गिनती, आंख, नाक, कान जैसे शरीर के अंग, और भगत सिंह, महात्मा गांधी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को भी पहचाना। बच्ची की इस अद्भुत क्षमता को देखते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उसे विजेता घोषित किया और प्रशस्ति पत्र भेजा।

परिवारजनों ने बताया कि आने वाले दिनों में आयोजित एक कार्यक्रम में विदिशा को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। विदिशा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर परिवार में खुशी की लहर है।
बड़े दादा कैलाश शेखराजका, बड़ी दादी शीतल शेखराजका, दादा सुनील शेखराजका, दादी संतोष शेखराजका, छोटे दादा मनोज शेखराजका, छोटी दादी राधा, पिता विजय और माता शालू अग्रवाल ने बेटी की इस सफलता पर प्रसन्नता जाहिर की है।

परिवार ने यह भी बताया कि विदिशा,आम बच्चों से बिल्कुल अलग है और उसकी बौद्धिक क्षमता दूसरों से ज्यादा है । दूसरी और इतनी छोटी उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि ने विदिशा को न केवल परिवार की बल्कि कुचामन सिटी की शान बना दिया है।
विदिशा की यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि यदि बच्चों को सही दिशा, प्रोत्साहन और वातावरण मिले तो वे किसी भी उम्र में असाधारण मुकाम हासिल कर सकते हैं।
