डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के दिए टिप्स, CBI और ACB में शिकायत करने की प्रक्रिया भी समझाई |
शहरवासियों ने लिया भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में सहयोग का संकल्प
डीडवाना – कुचामन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। जब नागरिक जागरूक होंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएंगे, तभी इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकेगा। इसी उद्देश्य से सतर्कता जागरूकता सप्ताह (Vigilance Awareness Week) के तहत डीडवाना – कुचामन जिले के कुचामन सिटी नगर परिषद में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के डीएसपी रामप्रसाद और उनकी टीम ने उपस्थित लोगों को सीबीआई की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठग लोगों को डराकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए। कोई भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई या अन्य जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर बैंक खाते में पैसे जमा करवाती है।

CBI और ACB में शिकायत करने की प्रक्रिया समझाई
डीएसपी रामप्रसाद ने बताया कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है अथवा सरकारी पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया जाता है, तो आमजन को चुप रहने के बजाय इसकी शिकायत संबंधित जांच एजेंसी तक पहुंचानी चाहिए। शिकायत करते समय घटना से संबंधित तारीख, स्थान, संबंधित व्यक्ति का विवरण और उपलब्ध साक्ष्य जैसी जानकारियां देना उपयोगी होता है।

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हेल्पलाइन नंबर 1064 है। इसके अलावा व्हाट्सऐप नंबर 9413502834 और ईमेल complt.acb@rajasthan.gov.in के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। एसीबी रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति, सरकारी धन के गबन और पद के दुरुपयोग जैसे मामलों में कार्रवाई करती है।
सवाल-जवाब के जरिए दूर की शंकाएं
कार्यशाला में क्षेत्र के कई नागरिकों ने भाग लिया और भ्रष्टाचार तथा साइबर अपराधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। लोगों ने अधिकारियों से सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। अधिकारियों ने भी उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार जागरूकता, सतर्कता और सही समय पर शिकायत करके भ्रष्टाचार तथा साइबर ठगी के मामलों को रोकने में मदद की जा सकती है।
कार्यशाला का मुख्य संदेश यही रहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को रिश्वत मांगे जाने, सरकारी योजनाओं में अनियमितता या पद के दुरुपयोग की जानकारी मिलती है तो उसे उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए। शिकायतकर्ता को डरने के बजाय कानून और जांच एजेंसियों पर भरोसा रखना चाहिए।
आमजन ने भी जताई मुहिम में भागीदारी की प्रतिबद्धता
कार्यशाला में शामिल नागरिकों ने अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को उपयोगी और समय की जरूरत बताया। लोगों का कहना था कि अक्सर जानकारी के अभाव में आमजन भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत करने से बचते हैं। इस तरह की कार्यशालाओं से लोगों को अपने अधिकारों और शिकायत के तरीकों की जानकारी मिलती है।

सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और पार्षद राजकुमार फौजी सहित उपस्थित नागरिकों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई और एसीबी की मुहिम में कदम से कदम मिलाकर सहयोग करने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने भी आमजन से अपील की कि वे स्वयं ईमानदारी का पालन करें और समाज में भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता फैलाएं।
गौरतलब है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की ओर से वर्ष 2026 में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ (Probity for Prosperity) थीम के तहत मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को बढ़ावा देना है
