सांगलिया। कहते हैं कि माता-पिता के संस्कार बच्चों के कर्मों में दिखाई देते हैं। इसका एक प्रेरणादायक और भावुक उदाहरण गांव सांगलिया में देखने को मिला, जहां श्री रामप्रसाद जी मिश्रा, रमेश जी मिश्रा एवं जितेन्द्र जी मिश्रा परिवार ने अपनी पूजनीय माताजी स्वर्गीय श्रीमती संतरा देवी मिश्रा की पुण्यस्मृति में समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश की।
माताजी के गोलोकवास के उपरांत उनकी पावन स्मृतियों और सेवाभावी विचारों को आगे बढ़ाते हुए मिश्रा परिवार ने बाबा बंशीदास हॉस्पिटल, सांगलिया के निर्माण हेतु 5 लाख 51 हजार रुपये की राशि सांगलिया धूणी के पीठाधीश्वर स्वामी ओमदास जी महाराज को श्रद्धाभावपूर्वक भेंट की।
परिवार की ओर से किए गए इस पुनीत सहयोग का उद्देश्य माताजी की स्मृति को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर उसे जनसेवा और परोपकार के स्थायी कार्य से जोड़ना रहा। माताजी का जीवन परोपकार, धार्मिक आस्था और जरूरतमंदों की सहायता के लिए समर्पित रहा। इसी सेवाभाव को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने तड़क-भड़क वाले आयोजन के बजाय सार्वजनिक हित में धनराशि लगाने का अनुकरणीय निर्णय लिया।
स्वामी ओमदास जी महाराज ने कहा—सेवा के रूप में हमेशा जीवित रहेंगी माताजी की स्मृतियां
इस अवसर पर स्वामी ओमदास जी महाराज ने मिश्रा परिवार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि माताजी की पुण्यस्मृति में अस्पताल निर्माण के लिए दिया गया यह सहयोग समाजसेवा की भावना को मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से न केवल जरूरतमंद लोगों को लाभ मिलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सेवा और परोपकार की प्रेरणा मिलती है।
स्वामी ओमदास जी महाराज ने कहा कि मिश्रा परिवार ने अपनी माताजी की स्मृति को जिस तरह जनहित के कार्य से जोड़ा है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। यह दान केवल धनराशि का सहयोग नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों में समाज के सक्षम परिवारों की भागीदारी से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने मिश्रा परिवार के इस सेवाभावी निर्णय के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि स्वर्गीय श्रीमती संतरा देवी मिश्रा की स्मृतियां अब सेवा कार्य के माध्यम से लंबे समय तक लोगों के बीच जीवित रहेंगी।
इस गरिमामयी अवसर पर समस्त मिश्रा परिवार सहित क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिक, प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने परिवार द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया और स्वर्गीय श्रीमती संतरा देवी मिश्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
