चार निकायों में 74.02 प्रतिशत मतदान, डीडवाना में विधायक यूनुस खान के साथ धक्का-मुक्की से आधा घंटा बाधित रहा मतदान, शाम होते ही शुरू हुई बाड़ाबंदी

चार निकायों में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न, शाम को शुरू हुई बाड़ाबंदी

डीडवाना-कुचामन, नगर निकाय आम चुनाव-2026 के तहत डीडवाना-कुचामन जिले के चार नगरीय निकायों में बुधवार को मतदान संपन्न हो गया। जिले में कुल 74.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि डीडवाना के वार्ड संख्या 11 में विधायक एवं पूर्व मंत्री यूनुस खान के साथ धक्का-मुक्की और हंगामे की घटना के कारण कुछ समय के लिए मतदान बाधित रहा, लेकिन प्रशासन की समझाइश और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला शांत हो गया। मतदान समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की कवायद भी शुरू कर दी।

जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीना ने बताया कि जिले के चारों नगरीय निकायों में कुल 1 लाख 66 हजार 974 मतदाताओं में से 1 लाख 23 हजार 596 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो कुल 74.02 प्रतिशत मतदान है।

निकायवार मतदान प्रतिशत की बात करें तो बोरावड़ नगर पालिका में सबसे अधिक 80.51 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां 18,989 मतदाताओं में से 15,288 ने मतदान किया। इसके बाद कुचामन सिटी नगर परिषद में 76.27 प्रतिशत, डीडवाना नगर परिषद में 75.42 प्रतिशत तथा लाडनूं नगर पालिका में 68.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

कुचामन सिटी में 50,016 मतदाताओं में से 38,148 ने वोट डाले, जबकि डीडवाना में 44,273 में से 33,391 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। लाडनूं में 53,696 मतदाताओं में से 36,765 मत पड़े।

 सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान,शाम 6 बजे तक चला

जिले के सभी वार्डों में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीना , एसपी डॉ प्यारे लाल शिवरान सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

डीडवाना में यूनुस खान के साथ धक्का-मुक्की, आधे घंटे रुका मतदान

मतदान के दौरान सबसे बड़ा घटनाक्रम डीडवाना के वार्ड संख्या 11 के मतदान केंद्र पर सामने आया। विधायक एवं पूर्व मंत्री यूनुस खान अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे थे, इसी दौरान बूथ पर हंगामा हो गया। आरोप है कि कुछ लोग मतदान केंद्र के अंदर पहुंच गए और यूनुस खान व उनके परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की गई।

हंगामा बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पोलिंग पार्टी ने करीब आधे घंटे तक मतदान रोक दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, परबतसर एसडीएम कुसुमलता चौहान,वृत्ताधिकारी उमेश गुप्ता और थाना अधिकारी मोहन सिंह सहित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने बूथ के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला और मतदान केंद्र के आसपास मौजूद भीड़ को भी हटाया।

विधायक ने लगाया मतदान से रोकने का आरोप

विधायक यूनुस खान ने आरोप लगाया कि वे अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे थे, लेकिन कुछ अनाधिकृत लोग बूथ के अंदर घुस आए और उनके परिजनों के वोटर आईडी छीनने का प्रयास किया गया। उन्होंने अपने साथ धक्का-मुक्की कर मतदान से रोकने का आरोप लगाया।

विधायक ने इस मामले में पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की और कुछ समय के लिए परिवार सहित धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा का आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे।

यूनुस खान ने आरोप लगाया कि उनके साथ मतदान के दौरान तीसरी बार ऐसी घटना हुई है। उन्होंने मामले में राजनीतिक विरोधियों पर भी आरोप लगाए और पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वार्ता के बाद बनी सहमति, यूनुस खान ने परिवार सहित डाला वोट

बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। परबतसर एसडीएम कुसुमलता चौहान और सीओ उमेश गुप्ता सहित अधिकारियों ने यूनुस खान से बातचीत की। प्रशासन की ओर से मतदान केंद्र में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

वार्ता के बाद सहमति बनने पर यूनुस खान ने अपने परिवार के साथ मतदान किया। सूचना के मुताबिक पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई भी की।

मतदान खत्म होते ही शुरू हुई बाड़ाबंदी

शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद जहां जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली, वहीं राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की गतिविधियां तेज हो गईं। विभिन्न नगरीय निकायों में पार्षद पद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के पास उनके दलों और समर्थकों के फोन पहुंचने लगे।

मतदान समाप्त होते ही बाड़ाबंदी की प्रक्रिया शुरू हो गई। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े प्रत्याशियों और समर्थकों को निर्धारित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कई प्रत्याशी बताए गए स्थानों पर पहुंचे, जहां से उन्हें बाड़ाबंदी के लिए रवाना किया गया।

अब सभी की निगाहें चुनाव परिणामों के साथ-साथ निकायों में बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं। मतदान के बाद शुरू हुई बाड़ाबंदी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में अध्यक्ष और सभापति पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने वाली हैं।

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