बंदर का आतंक: 28 बच्चों समेत कई लोग घायल, गैस गोदाम के पेड़ों पर छिपकर बच्चों को बना रहा निशाना

कुचामन सिटी। शहर के बूड़सू रोड स्थित गैस गोदाम के पीछे पिछले कुछ दिनों से एक बंदर ने आतंक मचा रखा है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर अब तक करीब 28 बच्चों सहित कई लोगों को काटकर घायल कर चुका है। बंदर सुबह और शाम के समय घरों से बाहर निकलने वाले छोटे बच्चों को अपना निशाना बना रहा है। बच्चों के पीछे दौड़कर उन्हें काटने के बाद बंदर वापस गैस गोदाम परिसर में लगे पेड़ों पर चढ़ जाता है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक 28 छोटे बच्चों को बंदर काट चुका है, जबकि कई अन्य लोगों पर भी बंदर हमला कर चुका है। इसके चलते तिरुपति नगर सहित आसपास के क्षेत्र के लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर भेजने से भी डर रहे हैं।

नरेंद्र कुमार का पुत्र समर्थ भी हुआ बंदर के हमले का शिकार

स्थानीय निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका पुत्र समर्थ भी बंदर के हमले का शिकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि बंदर के आतंक की सूचना नगरपालिका और वन विभाग के अधिकारियों को लगातार दी गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

नरेंद्र कुमार ने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की ओर से लगातार बंदर को रेस्क्यू करने की बात कही जा रही है, लेकिन कई दिनों से सूचना दिए जाने के बावजूद बंदर को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बंदर आए दिन बच्चों को काट रहा है और किसी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

वन विभाग बोला—बंदर पकड़ना हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं

इस मामले में वन विभाग के अधिकारी अश्विनी पारीक ने बताया कि उन्हें क्षेत्र में बंदर द्वारा आतंक मचाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि बंदर को पकड़ना वन विभाग के क्षेत्राधिकार में नहीं है।

आयुक्त बोले—मथुरा से आएगी बंदर पकड़ने वाली टीम

वहीं, नगर परिषद कुचामन सिटी के आयुक्त शिकेश कांकरिया ने बताया कि बंदर के आतंक की जानकारी मिलते ही उन्होंने बंदर पकड़ने वाली टीम से संपर्क किया है। टीम से बातचीत हो चुकी है और अगले एक-दो दिन में मथुरा से बंदर पकड़ने वाली टीम कुचामन पहुंचेगी। इसके बाद बंदर को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल बंदर के लगातार हमलों से क्षेत्रवासियों में दहशत है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टीम के आने का इंतजार किए बिना बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि कोई गंभीर हादसा होने से रोका जा सके।

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