डीडवाना-कुचामन। राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा मंगलवार को जारी तबादला सूची में 86 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण किए गए हैं। सूची के अनुसार डीडवाना-कुचामन जिले से जुड़े दो पुलिस निरीक्षकों का भी तबादला किया गया है। मारोठ थानाधिकारी सुरेश सोनी और पीलवा थानाधिकारी महीराम का नाम भी इस सूची में हैं ।

ऐसे समय में यह फैसला सामने आया है, जब जिला पुलिस पहले से ही पुलिस निरीक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था और थानों के प्रशासनिक संचालन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले की स्थिति यह है कि कुचामन सिटी थाना और डीडवाना थाना जैसे सबसे बड़े और संवेदनशील थानों में भी नियमित पुलिस निरीक्षक मौजूद नहीं हैं। कुचामन सिटी के तत्कालीन थानाधिकारी सतपाल सिंह के निलंबन के बाद वहां उप निरीक्षक को जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है, जबकि डीडवाना थानाधिकारी राजेंद्र कमांडो वकीलों से विवाद के मामले में लाइन हाजिर होने के बाद वहां भी उप निरीक्षक के भरोसे थाना चल रहा है।

इतना ही नहीं, जिले के कई अन्य थानों में भी पुलिस निरीक्षक के स्वीकृत पद होने के बावजूद उप निरीक्षक (एसआई) ही थानाप्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जबकि पुलिस व्यवस्था के अनुसार बड़े थानों और स्वीकृत पदों पर पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति होना अपेक्षित माना जाता है।

अब तबादला सूची में जिले से जुड़े दो और निरीक्षकों के स्थानांतरण के बाद यह कमी और गहराने की आशंका है। इसका सीधा असर अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, प्रशासनिक समन्वय और थानों की कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है। लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच कम संख्या में निरीक्षकों के कारण अधिकारियों पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ेगा।

हालांकि, तबादला सूची में अजमेर रेंज को 10 नए पुलिस निरीक्षक मिले हैं। अब जिले की निगाहें आईजी अजमेर के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि इन निरीक्षकों में से डीडवाना-कुचामन जिले को कितने अधिकारी मिलते हैं। यदि पर्याप्त संख्या में निरीक्षकों की तैनाती नहीं हुई तो पहले से स्टाफ संकट झेल रहे जिले में पुलिस व्यवस्था की चुनौती और बढ़ सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या डीडवाना-कुचामन को निरीक्षकों की कमी से राहत मिलेगी, या फिर जिले को लंबे समय तक उप निरीक्षकों के भरोसे ही थाने चलाने पड़ेंगे?
