काले झंडा प्रकरण में फरार चार आरोपियों पर इनाम घोषित, पूर्व नारायण बेनीवाल ने उठाए सवाल; पुलिस बोली- कानून के अनुसार हो रही कार्रवाई


भूराराम शेषमा पर ₹5 हजार, तीन अन्य आरोपियों पर ₹2100-₹2100 का इनाम घोषित


कुचामन सिटी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के बहुचर्चित प्रकरण में डीडवाना-कुचामन पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश में मामले में वांछित चार आरोपियों पर नकद इनाम घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार भूराराम शेषमा निवासी सुरेन्द्रनगर, कुचामन सिटी पर ₹5,000 तथा रामनिवास कांटा निवासी हिराणी, मुकेश सारण उर्फ मोदी निवासी रसाल और दिनेश कड़वा निवासी रणगासर पर ₹2,100-₹2,100 का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस का कहना है कि संबंधित आरोपी मामले में फरार चल रहे हैं तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आमजन से भी आरोपियों के संबंध में सूचना देने की अपील की है।
इधर, इनाम घोषित होने के बाद मामला फिर राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। खींवसर के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता नारायण बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर पुलिस कार्रवाई और दर्ज मुकदमों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पानी, बिजली और कानून व्यवस्था जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज करना और उन पर इनाम घोषित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपराधियों की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है तथा उसका जवाब मुकदमों और दबाव की राजनीति से नहीं दिया जाना चाहिए।
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
मामले में पुलिस उपाधीक्षक मुकेश चौधरी ने कहा कि पुलिस पूरी कार्रवाई कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में दर्ज मुकदमों की जांच जारी है तथा जिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, उनके संबंध में नियमानुसार इनाम घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संगठन को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना है। मामले में आगे भी विधि सम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
29 मई को हुआ था विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि 29 मई को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुचामन सिटी में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुंचे थे। इसी दौरान RLP कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के सामने पहुंचकर काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन किया था। घटना के बाद पुलिस और भाजपा की ओर से अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले में कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुछ आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
काले झंडा प्रकरण के बाद जिले में लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बनी हुई है। पहले गिरफ्तारियां, फिर तहसीलदार और एसपी के तबादले, थानाधिकारी का निलंबन और अब फरार आरोपियों पर इनाम घोषित होने से यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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