कुचामन सिटी। शहर की पारीक कॉलोनी निवासी एवं प्रख्यात शिक्षाविद् लुकुटवल्लभ गौड़ के सेवानिवृत्ति उपलक्ष्य में सम्मान एवं नागरिक अभिनंदन समारोहों का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग में 31 वर्षों की उल्लेखनीय सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए गौड़ को ग्रामीणों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, परिजनों और शहरवासियों ने भावभीनी विदाई दी।

अपने सेवाकाल के दौरान लुकुटवल्लभ गौड़ ने पर्यावरण संरक्षण, शैक्षिक नवाचार, विद्यालय विकास, अतिरिक्त कालांश के माध्यम से विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा छात्रहित से जुड़े विभिन्न कार्यों में विशेष पहचान बनाई। सेवानिवृत्ति के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मीठड़ी में ग्रामीणों की ओर से नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय स्टाफ, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। वक्ताओं ने गौड़ के सेवाकाल में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आदर्श शिक्षक बताया।

इसके बाद पारीक कॉलोनी, कुचामन सिटी में परिवारजनों, शुभचिंतकों एवं शहरवासियों द्वारा भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण, साफा बंधन एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने सम्मान समारोह में भावुक होते हुए लुकुटवल्लभ गौड़ ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच बिताए गए 31 वर्ष उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में सहयोग करने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के कार्यों से जुड़े रहेंगे।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा ने कहा कि लुकुटवल्लभ गौड़ जैसे शिक्षक शिक्षा विभाग की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने समर्पण, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से शिक्षा जगत में एक अलग पहचान बनाई है। देथा ने कहा कि गौड़ ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और विद्यालयों के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
गौरतलब है कि लुकुटवल्लभ गौड़ शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ क्षेत्र के जाने-माने संगीतज्ञ भी हैं। उनका उप-वृंदावन के नाम से प्रसिद्ध भादीपीठ मीठड़ी से भी गहरा जुड़ाव रहा है। शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

उनकी प्रमुख उपलब्धियों में कुचामन सिटी स्थित सूरजमल भोमराजका राजकीय विद्यालय के विकास के लिए सेठ ओमप्रकाश भोमराजका को प्रेरित कर 1.27 करोड़ रुपये की राशि समर्पित करवाना विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनके इस प्रयास से विद्यालय में विकास कार्यों को नई गति मिली और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकीं।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा, सेवानिवृत्त उपनिदेशक शिक्षा विभाग चांदमल शर्मा, प्रधानाचार्य बख्तावर सिंह, राउमावि मीठड़ी के प्रधानाचार्य संजय भार्गव, नंदकिशोर गौड़, मधुसूदन पारीक, सेवानिवृत्त अधिशासी अधिकारी बजरंग सिंह राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि लुकुटवल्लभ गौड़ का शिक्षण, समाज सेवा और सांस्कृतिक क्षेत्र में दिया गया योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
