कुचामन बार संघ की बैठक में 11 सूत्रीय मांगों पर मुहर, न्यायिक व्यवस्थाओं में सुधार की उठी आवाज

कुचामन सिटी,बार संघ कुचामन सिटी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को सेशन कोर्ट परिसर में आयोजित हुई, जिसमें अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से 11 सूत्रीय मांगों का प्रस्ताव पारित कर न्यायालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और सुधार की जोरदार मांग उठाई।

बैठक बार संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता, कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में बार सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान न्यायालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिवक्ताओं ने एक स्वर में सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई।

प्रमुख मांगें जो बैठक में उठीं

बैठक में पारित प्रस्तावों में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण, व्यवस्थित पार्किंग, बार रूम में फर्नीचर व एसी, स्वच्छ पेयजल व शौचालय, ई-लाइब्रेरी और वाई-फाई सुविधा, सीसीटीवी कैमरे, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए अलग बैठने की व्यवस्था, लंबित मामलों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त कोर्ट, स्टांप वेंडर व फोटोकॉपी सुविधा, महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग कक्ष और अधिवक्ता कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी मांगें शामिल रहीं।

बैठक में यह भी तय किया गया कि इन मांगों का ज्ञापन जिला एवं सेशन न्यायाधीश, डीडवाना-कुचामन और राज्य बार काउंसिल को भेजा जाएगा। प्रस्ताव पर सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने हस्ताक्षर कर सहमति जताई।

बार संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह राठौड़ ने कहा कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगा।

अधिवक्ता ओम प्रकाश पारीक ने कहा कि चैंबर, पुस्तकालय और तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण अधिवक्ताओं को पेशेवर कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।

वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र कुमार पारीक ने बताया कि लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त कोर्ट की स्थापना समय की मांग है, ताकि आमजन को त्वरित न्याय मिल सके।

अधिवक्ता दौलत खान ने कहा कि महिला अधिवक्ताओं और आम परिवादियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है, जिसे प्राथमिकता के साथ सुधारा जाना चाहिए।

बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर प्रस्ताव का समर्थन किया।

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