फेसबुक पर पुराने एंटिक सिक्के और नोट करोड़ों में खरीदने का झांसा देने वाली गैंग का खुलासा,
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ठगी की रकम तक पहुंची डीडवाना-कुचामन साइबर पुलिस
डीडवाना-कुचामन। फेसबुक पर पुराने एंटिक सिक्के और नोट करोड़ों रुपए में खरीदने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी करने वाली गैंग के खिलाफ डीडवाना-कुचामन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि आज गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पूर्व में पकड़े जा चुके दो आरोपियों के पिता हैं।
पुलिस ने आरोपी समसु और रहीश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी की रकम में से 11 लाख रुपए बरामद किए हैं। इससे पहले इसी मामले में उनके बेटे जुनेद खान और मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में अब तक गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के मार्गदर्शन और निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा के निकट पर्यवेक्षण में साइबर थाना टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण और लगातार अनुसंधान के आधार पर गैंग की परतें खोलते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
सवा दो करोड़ का लालच, 13 लाख की ठगी
मामला 12 अगस्त 2026 का है। कुचामन सिटी क्षेत्र के आसपुरा निवासी बन्नाराम ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने फेसबुक पर पुराने एंटिक सिक्के और नोटों को मोटी रकम में खरीदने का विज्ञापन दिया।
आरोपियों ने बन्नाराम के पुराने सिक्के और नोट सवा दो करोड़ रुपए में खरीदने का झांसा दिया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, किराया, निरीक्षण टीम और अन्य खर्चों के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाकर उससे 13 लाख रुपए की ठगी कर ली। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाने में प्रकरण संख्या 16/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पहले जंगलों और पहाड़ियों में चार दिन तक पीछा, फिर पकड़े गए बेटे
मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन अलवर और भरतपुर क्षेत्र में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर वेश बदलकर सूचना जुटाई।
साइबर थाना टीम ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार चार दिन तक पीछा करते हुए अलवर के मौजपुर क्षेत्र के पास से जुनेद खान और मोहम्मद कैफ को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद किए थे।

बेटों से पूछताछ के बाद पिता तक पहुंची जांच
पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच में पुलिस को गैंग के अन्य सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के बाद पुलिस ने अब समसु और रहीश को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम आरोपियों ने सुनसान और पहाड़ी क्षेत्र में छिपा रखी थी। गहन पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने पहाड़ी क्षेत्र में बने एक खंडहर मकान और टीनशेड से 11 लाख रुपए बरामद कर लिए।
आज गिरफ्तार समसु, पूर्व में गिरफ्तार आरोपी जुनेद खान का पिता है, जबकि रहीश गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद कैफ का पिता है।
फर्जी सिम और व्हाट्सएप से बिछाते थे ठगी का जाल
जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर पुराने एंटिक सिक्के और नोटों को करोड़ों रुपए में खरीदने के आकर्षक विज्ञापन डालते थे। विज्ञापन का लिंक खोलने वाले लोगों से आरोपी फर्जी सिम के जरिए व्हाट्सएप पर संपर्क करते थे। इसके बाद पीड़ित को विश्वास में लेकर उसके पुराने सिक्कों और नोटों की बड़ी कीमत लगाने का झांसा दिया जाता था। जब व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता तो रजिस्ट्रेशन, निरीक्षण, टीम खर्च, यात्रा और अन्य शुल्कों के नाम पर रुपए मांगे जाते।
रकम फर्जी तरीके से खरीदे गए बैंक खातों में जमा कराई जाती और बाद में एटीएम सहित अन्य माध्यमों से निकाल ली जाती थी। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में ठिकाने बदलते रहते थे।
एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान बोले: साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कहा कि डीडवाना-कुचामन पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस मामले में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के साथ-साथ लगातार मैदानी कार्रवाई करते हुए पहले आरोपियों तक पहुंच बनाई और फिर ठगी की रकम भी बरामद की।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को लालच और झांसे में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पुलिस भी तकनीकी संसाधनों और विशेष टीमों के माध्यम से ऐसे अपराधियों तक पहुंच रही है। साइबर ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
साइबर थानाधिकारी RPS भानु प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा: हर कड़ी तक पहुंच रही जांच
डीडवाना-कुचामन साइबर थाना अधिकारी भानु प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि मामले में बैंक खातों की गहन जांच, तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अनुसंधान को आगे बढ़ाया गया, जिससे गैंग की अन्य कड़ियों तक पहुंचने में सफलता मिली। आज गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद ठगी की रकम में से 11 लाख रुपए बरामद किए गए हैं।

राठौड़ ने कहा कि साइबर अपराधों में तकनीकी जांच के साथ-साथ लगातार अनुसंधान बेहद महत्वपूर्ण होता है और पुलिस इस मामले की हर कड़ी को जोड़कर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए एसपी की आमजन से अपील
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी असामान्य और आकर्षक ऑफर पर तुरंत भरोसा नहीं करें।
उन्होंने कहा कि पुराने सिक्के, नोट, एंटिक वस्तुएं या किसी अन्य सामान को करोड़ों रुपए में खरीदने जैसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं। कोई व्यक्ति रजिस्ट्रेशन, निरीक्षण, प्रोसेसिंग फीस, टीम खर्च या किसी अन्य बहाने से पहले रुपए मांगता है तो सतर्क हो जाएं।
एसपी की आमजन से अपील:
सोशल मीडिया के अनजान विज्ञापनों और लिंक पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रुपए ट्रांसफर न करें।
फर्जी व्हाट्सएप कॉल और संदेशों से सावधान रहें।
बैंक खाता, ओटीपी और अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर बिना देरी 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें और नजदीकी पुलिस थाने को भी सूचना दें।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के मार्गदर्शन और निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा के पर्यवेक्षण तथा साइबर थानाधिकारी RPS भानु प्रताप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
टीम में सुरेश कुमार, हेड कांस्टेबल , कांस्टेबल सुगनाराम, ताराचंद, कौशल कुमार, हरिराम, सुखाराम, जगदीश, धर्मपाल सिंह और प्रकाशचंद, शामिल रहे।
