कुचामन सिटी। इंजीनियर्स डे के अवसर पर डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी में पहली बार इंजीनियरिंग, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और व्यवसायिक संभावनाओं को एक मंच पर लाने वाला DigiArch India 2026 मंगलवार को उत्साह और ऊर्जा के साथ शुरू हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में जहां क्षेत्र के स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी प्रतिभा को करीब 70 इनोवेटिव मॉडल के जरिए प्रदर्शित किया, वहीं करीब 60 कंपनियों ने बिजनेस एक्सपो में आधुनिक उत्पादों, तकनीकों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। आयोजन के पहले दिन करीब 2500 दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने किया। इस दौरान भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। जिला कलेक्ट अवधेश मीणा ने विद्यार्थियों के मॉडलों और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पहले बड़े शहरों में देखने को मिलते थे, लेकिन अब छोटे शहरों और कस्बों में भी इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े आयोजन होना बदलते भारत और देश के विकास की तस्वीर है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और रचनात्मक सोच भारत के विकास का मजबूत आधार है और एक विद्यार्थी अपने आइडिया एवं तकनीकी क्षमता के जरिए भविष्य में युवा उद्यमी बनने के साथ रोजगार देने वाला व्यक्ति भी बन सकता है।
विद्यार्थियों के 70 मॉडल बने आकर्षण का केंद्र
DigiArch India 2026 के विद्यार्थी एक्सपो में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने साइंस, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर आधारित करीब 70 मॉडल प्रदर्शित किए। विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के जरिए नए आइडिया और तकनीकी सोच को सामने रखा, जिन्हें देखने पहुंचे लोगों ने खूब सराहा।

आयोजन की खासियत यह रही कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता को केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनके आइडिया को भविष्य में व्यवसाय और स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। 60 कंपनियों के बिजनेस एक्सपो में आधुनिक तकनीक: आयोजन के दूसरे प्रमुख हिस्से बिजनेस एक्सपो में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आई करीब 60 कंपनियों ने हिस्सा लिया। भवन निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, होम अप्लायंसेज, होम ऑटोमेशन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उत्पादों एवं सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। एक्सपो में आए कंपनियों के प्रतिनिधियों, इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स और युवा उद्यमियों ने कुचामन क्षेत्र में व्यवसाय और निवेश की संभावनाओं को भी समझा। एक ही परिसर में विद्यार्थियों के इनोवेशन मॉडल और आधुनिक तकनीक से जुड़े बिजनेस एक्सपो ने आयोजन को अलग पहचान दी।
विद्यार्थियों के आइडिया को व्यवसाय से जोड़ने पर दिया जोर
DigiArch आयोजन मंडल से जुड़े सौरभ बंसल ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा और नए आइडिया की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उनके आइडिया को सही मार्गदर्शन, तकनीक और निवेश मिले, ताकि भविष्य में यही मॉडल स्टार्टअप और व्यवसाय का रूप ले सकें। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडल को व्यवसायिक दृष्टिकोण से विकसित करने की संभावनाओं के बारे में भी कलेक्टर को जानकारी दी।

आयोजन समिति के सदस्य सी.आर. कुमावत ने कहा कि DigiArch India 2026 का उद्देश्य कुचामन और आसपास के क्षेत्र में इंजीनियरिंग, इनोवेशन और तकनीकी सोच को बढ़ावा देना है। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, निवेशकों, युवा उद्यमियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज और नए अवसरों से जोड़ना इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आयोजन समिति से जुड़े बी.एल. कुमावत ने कार्यक्रम में शामिल शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, व्यवसायियों, आर्किटेक्ट्स और अन्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बाहर से आए आर्किटेक्ट्स को सम्मानित करते हुए कहा कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन कुचामन के विद्यार्थियों एवं स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणादायक है।
स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान युवा स्टार्टअप संचालक ओमप्रकाश सिरसा और आर्किटेक्ट निशिता गुलाटी ने पॉडकास्ट के माध्यम से स्टार्टअप, आर्किटेक्चर, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं एवं चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित व्यवसाय और नवाचार युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं तथा मानव सोच और आधुनिक तकनीक के संयोजन से इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं।

इंजीनियर्स का हुआ सम्मान
इंजीनियर्स डे के अवसर पर जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने जिलेभर से आए विभिन्न विभागों के सहायक अभियंताओं एवं कनिष्ठ अभियंताओं का सम्मान भी किया। इस दौरान इंजीनियरों के योगदान को देश के निर्माण और विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनके कार्यों की सराहना की गई।
दर्शकों ने भी की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम देखने पहुंचे व्यवसायी और समाजसेवी श्याम सुंदर मंत्री ने कहा कि कुचामन में इस तरह का आयोजन युवाओं और आमजन के लिए उपयोगी है तथा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऐसे मंच मिलना जरूरी है।
वहीं कुचामन विकास समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश काबरा ने कहा कि कुचामन में पहली बार इस तरह का आयोजन होना खास बात है। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और नए विचारों को सामने रखने के लिए लगातार ऐसे अवसर मिलने चाहिए।

आयोजन के पहले दिन विद्यार्थियों के मॉडल, बिजनेस एक्सपो और तकनीकी प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। DigiArch India 2026 का दूसरा दिन भी विद्यार्थियों के इनोवेशन मॉडल, बिजनेस एक्सपो, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी से जुड़े कार्यक्रमों के नाम रहेगा। कुचामन में पहली बार आयोजित यह आयोजन एक तरफ जहां स्थानीय विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दे रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें उद्योग, तकनीक, स्टार्टअप और व्यवसाय की दुनिया से जोड़ने की दिशा में भी नई पहल के रूप में सामने आया है।
