संग्रहित 1605 यूनिट रक्त में दिखी कुचामन की एकजुटता, रमेश रुलानियां की प्रथम पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर बना जनभागीदारी का संदेश


36 कौम के प्रतिनिधि एक मंच पर आए, महिलाओं और युवतियों ने भी बढ़ाया हौसला; 9 ब्लड बैंकों की टीमों ने 110 बेड पर दिनभर किया रक्त संग्रहण


कुचामन सिटी। किसी की याद में तस्वीर पर फूल चढ़ाना एक परंपरा है, लेकिन किसी की स्मृति को किसी की जिंदगी बचाने से जोड़ देना उससे कहीं बड़ा संदेश है। कुचामन में बुधवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला। स्वर्गीय रमेश रुलानियां की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में श्रद्धांजलि सिर्फ शब्दों और पुष्पों तक सीमित नहीं रही, बल्कि रक्त की 1605 यूनिट के रूप में सामने आई।


स्टेशन रोड स्थित रुलानियां होंडा शोरूम के पास मेला ग्राउंड में आयोजित शिविर में कुचामन शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। खास बात यह रही कि 36 कौम के प्रतिनिधियों ने शिविर में भागीदारी निभाई, वहीं महिलाओं और युवतियों ने भी रक्तदान कर सामाजिक सहभागिता की तस्वीर को और मजबूत किया।


श्रद्धांजलि सभा से शुरू हुआ दिन, रक्तदान तक पहुंचा कारवां


सुबह करीब 9 बजे श्रद्धांजलि सभा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। स्वर्गीय रमेश रुलानियां की धर्मपत्नी विमला देवी, पुत्र पंकज, पुत्रियां रेणु एवं मुस्कान सहित परिवारजनों और जनप्रतिनिधियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद शुरू हुआ रक्तदान का सिलसिला। देखते ही देखते शिविर में रक्तदाताओं की कतारें नजर आने लगीं और 110 बेड वाला रक्तदान पांडाल लगातार सक्रिय रहा।
9 अलग-अलग ब्लड बैंकों की टीमें रक्त संग्रहण के लिए पहुंचीं। आयोजकों के अनुसार दिनभर चले शिविर में कुल 1605 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।


36 कौम की भागीदारी ने दिया सामाजिक एकता का संदेश


इस शिविर की सबसे खास तस्वीर सिर्फ रक्त की संख्या नहीं रही। शहर के अलग-अलग समाजों, वर्गों और समुदायों से जुड़े लोग एक साथ रक्तदान के लिए पहुंचे।
किसी ने इसे श्रद्धांजलि माना तो किसी ने मानवता की सेवा का अवसर। यही वजह रही कि शिविर में 36 कौम के प्रतिनिधियों की भागीदारी चर्चा का प्रमुख विषय बनी।


रक्तदान करने वालों में युवा बड़ी संख्या में रहे। वहीं महिलाओं और युवतियों की मौजूदगी ने भी आयोजन को अलग पहचान दी। रुलानियां परिवार की महिलाओं ने भी रक्तदान के लिए पहुंची महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।


महिलाओं की भागीदारी ने बदली शिविर की तस्वीर


आयोजन में महिलाओं और युवतियों का रक्तदान करना खास आकर्षण रहा। कई महिलाओं ने पहली बार रक्तदान किया। इससे रक्तदान को लेकर महिलाओं के बीच बढ़ती जागरूकता का संदेश भी सामने आया।


शिविर में रक्तदाताओं के उत्साहवर्धन के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जहां रक्तवीरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


मंत्री विजय सिंह चौधरी बोले: ऐसी भागीदारी समाज की ताकत


कार्यक्रम में मौजूद राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी ने रक्तदान शिविर में भारी तादाद में पहुंचे लोगों और सर्व समाज की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान ऐसा सेवा कार्य है, जिसका लाभ किसी अनजान जरूरतमंद तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय रमेश रुलानियां की स्मृति में आयोजित यह आयोजन समाज की एकजुटता और सेवा भावना का उदाहरण है। उन्होंने युवाओं सहित आमजन से रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में आगे आने का आह्वान किया।


शिविर में उमड़े जनसैलाब को देखकर स्वर्गीय रमेश रुलानियां के पुत्र पंकज रुलानियां भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि परिवार ने रमेश जी की पुण्यतिथि पर लोगों से जुड़कर सेवा का काम करने का संकल्प लिया था, लेकिन जिस तरह से शहर और आसपास के लोगों ने साथ दिया, वह उम्मीद से कहीं बड़ा है।
उन्होंने कहा कि 1605 यूनिट रक्त सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि कुचामन के लोगों की संवेदना, सहयोग और पिताजी के प्रति सम्मान का प्रतीक है। पंकज ने रक्तदान करने पहुंचे प्रत्येक रक्तदाता और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार जताया।


पुण्यतिथि पर एक ऐसा आंकड़ा, जो सिर्फ आंकड़ा नहीं


रमेश रुलानियां की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित इस शिविर में 1605 यूनिट रक्त का संग्रहण हुआ। 110 बेड पर लगातार रक्तदान चलता रहा और 9 ब्लड बैंकों की टीमें रक्त संग्रहण में जुटी रहीं।


शिविर में शहर के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और सर्व समाज के लोगों की भागीदारी रही।
कार्यक्रम में परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया, पूर्व जिला प्रमुख भागीरथ राम, पूर्व विधायक रूपाराम मुरावतिया, नगर परिषद सभापति महेश रामचंद्रका, उपसभापति बाबूलाल कुमावत, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी, कुमावत युवा शक्ति अध्यक्ष सत्यनारायण कुमावत ,रामेश्वर नेहरा, ज्ञानाराम रणवा, पूर्णसिंह रणवा, रामेश्वर लाल कड़वा, डॉ. गोविंद राम चौधरी, केसाराम कड़वा, चेनाराम कड़वा, रिछपाल कड़वा, भोमाराम महला, दानाराम राठी, दीपपुरा सरपंच अर्जुनराम कड़वा, नावां प्रधान प्रतिनिधि राजेश गुर्जर, चांदपुरा सरपंच परसाराम राठी, निजी स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष गोविंद राम शेषमा, निजी कोचिंग एसोसिएशन अध्यक्ष सुल्तान सिंह कल्याणपुरा, निजी कॉलेज एसोसिएशन अध्यक्ष सुल्तान सिंह थालोड़, हीराराम बिजारणियां, आशीष चौधरी,

पूर्व सभापति आसिफ खान, सुरेश सिखवाल, धर्मेंद्र बाजडोलिया, नंदाराम बुगालिया, पार्षद हेमराज पारीक, बरखा जैन, अयूब शेख, डॉ. संगीत चौधरी, देवीलाल दादरवाल, डॉ. जगदीश महला, मनोज जोशी, डॉ. केसाराम कड़वा, नंदकिशोर अग्रवाल, भूराराम शेषमा, हितेश्वर जाखड़, अविनाश गावड़िया, बनवारी पचार, सुनील चौधरी, विजय सिंह पलाड़ा, नारायण सिंह मिंडकीया, बुद्धाराम चौधरी, मनीष गावड़िया, रामनिवास पोषक, मनोज भगत, जवाहर कड़वा, गणेश घोटिया, मनमोहन दहिया, धारासिंह हरिपुरा, श्याम सुंदर मंत्री, पूसाराम थोरी, मदन जड़वाटा, रामूराम महला, विकास भांभू, ईश्वर राम सोऊ, खेमराम रणवा, त्रिलोक गावड़िया, राम काबरा, सहित सर्व समाज के सैकड़ों पदाधिकारी एवं शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


कुचामन में बुधवार को रमेश रुलानियां की पुण्यतिथि एक सवाल छोड़ गई कि किसी इंसान को याद रखने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है, जहां उसकी याद में डोनेट गया रक्त किसी अनजान जिंदगी के काम आए।
1605 यूनिट रक्त इसी कहानी का सबसे बड़ा जवाब बनकर सामने आया।

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