बिहार में 6 हजार करोड़ के निवेश MoU पर हुई विस्तृत चर्चा, जमुई के चकाई में एशिया के बड़े निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट को लेकर सरकार ने दिखाई गंभीरता
कुचामन सिटी, कुचामन सिटी के मूल निवासी एवं वर्तमान में पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रह रहे स्वर्गीय छगनलाल शर्मा के पुत्र महेंद्र शर्मा और सुरेंद्र शर्मा की बिहार में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई जिले के चकाई में शर्मा समूह के निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का शर्मा परिवार की ओर से शानदार स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्लांट की निर्माण प्रगति, उत्पादन और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। परियोजना को मार्च तक शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है। इसे एशिया के बड़े निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांटों में शामिल बताया जा रहा है। इस दौरान बिहार सरकार के साथ प्रस्तावित एवं हुए 6,000 करोड़ रुपये के निवेश MoU को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।
एशिया के बड़े निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट पर मुख्यमंत्री की नजर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चकाई में निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की निर्माण प्रक्रिया और आगामी संचालन की तैयारियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
यह परियोजना क्षेत्र के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे तथा इससे आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
बिहार बनेगा उद्योग और स्किल का हब
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को उद्योग और स्किल का हब बनाना है। उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक निवेश केवल कारखाने स्थापित करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के कौशल विकास को भी गति मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने चकाई क्षेत्र में औद्योगीकरण के लिए चिन्हित करीब 9,000 एकड़ भूमि से संबंधित प्रस्तुतीकरण का भी अवलोकन किया। सरकार की योजना इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को विकसित करने की है।
3,400 करोड़ के निवेश से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार NDA सरकार की ओर से जमुई में करीब 3,400 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश से जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं के समयबद्ध संचालन से चकाई और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
इथेनॉल प्लांट को भी इसी औद्योगिक विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना को मार्च तक शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।
6 हजार करोड़ के MoU पर भी हुई विस्तृत चर्चा
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान शर्मा परिवार और बिहार सरकार के बीच करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश MoU को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।

अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बिहार में बड़े स्तर पर स्टील क्षेत्र में निवेश की योजना प्रस्तावित है। यह निवेश बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने और राज्य में बड़े उद्योगों को आकर्षित करने की सरकार की नीति के अनुरूप है।
स्टील परियोजना के साथ इथेनॉल क्षेत्र में चल रहा यह बड़ा प्रोजेक्ट शर्मा समूह के औद्योगिक विस्तार को दर्शाता है।
कुचामन की मिट्टी से आसनसोल और अब बिहार तक
गौरतलब है कि उद्योगपति महेंद्र शर्मा और सुरेंद्र शर्मा की औद्योगिक यात्रा का संबंध राजस्थान के कुचामन सिटी से जुड़ा हुआ है। दोनों कुचामन के मूल निवासी हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रहते हैं।
उनके पिता स्वर्गीय छगनलाल शर्मा से जुड़ी पारिवारिक जड़ें कुचामन में रही हैं। इसी वजह से बिहार में उनके उद्योग समूह के बड़े निवेश को कुचामन के लोग भी गौरव के रूप में देख रहे हैं।
एक समय सामान्य कारोबारी पृष्ठभूमि से शुरू हुआ यह सफर आज नमक से लेकर इथेनॉल और स्टील जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।

1974 में नमक के कारोबार से शुरू हुआ सफर
महेंद्र शर्मा के कारोबारी सफर की शुरुआत वर्ष 1974 में नमक के कारोबार से हुई थी। चार ट्रक नमक लेकर बिहार की ओर जाने से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे बनारस से बंगाल तक नमक की सप्लाई के बड़े कारोबार में बदल गया।
इसके बाद गांधीधाम में नमक रिफाइनरी और अंकुर नमक के कारोबार के जरिए समूह ने विस्तार किया। समय के साथ उद्योग समूह ने नमक के अलावा इथेनॉल, इस्पात, रियल एस्टेट, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में भी कदम बढ़ाया।
इसी लंबी कारोबारी यात्रा का परिणाम है कि आज बिहार में हजारों करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं की दिशा में समूह आगे बढ़ रहा है।
महेंद्र और सुरेंद्र शर्मा ने प्लांट की भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी
प्लांट के निरीक्षण के दौरान महेंद्र शर्मा और सुरेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निर्माणाधीन इथेनॉल परियोजना की प्रगति, प्रस्तावित संचालन और भविष्य की औद्योगिक योजनाओं की जानकारी दी।

शर्मा बंधुओं ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा बिहार में आगे भी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि समूह का उद्देश्य केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना, क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देना और बिहार की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने में भागीदारी करना भी है।
बिहार में निवेश को लेकर सरकार और उद्योग समूह के बीच बढ़ा तालमेल
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान सरकार और उद्योग समूह के बीच निवेश से जुड़ी योजनाओं को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। बिहार सरकार की ओर से राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और बड़े प्रोजेक्टों को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं शर्मा समूह की ओर से इथेनॉल के बाद स्टील क्षेत्र में भी बड़े निवेश की तैयारी बिहार में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं को दर्शाती है।
कार्यक्रम में मंत्री श्रेयसी सिंह, दामोदर रावत सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
कुचामन के लिए भी गौरव का क्षण
कुचामन की गलियों से शुरू हुई शर्मा परिवार की कारोबारी यात्रा का बिहार में इतने बड़े औद्योगिक निवेश तक पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए भी गौरव का विषय है।

आज एक ओर चकाई में हजारों करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाएं आकार ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार के साथ 6,000 करोड़ रुपये के निवेश MoU की चर्चा ने शर्मा समूह के आगामी औद्योगिक विस्तार की तस्वीर और स्पष्ट कर दी है।
कुचामन से शुरू हुआ यह कारोबारी सफर अब बिहार के औद्योगिक विकास में एक नया इतिहास लिख रहा है।
