भारत माता के वीर सपूत को नम आंखों से विदाई: शहीद खेमाराम कुमावत पंचतत्व में विलीन । राजकीय सम्मान के साथ शहीद खेमाराम कुमावत का अंतिम संस्कार। हजारों लोगों ने नम आंखों से किया विदा

वायुसेना, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए विमान हादसे में शहीद हुए थे खेमाराम

डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के थे मूल निवासी

खेमाराम अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा आसमान

कुचामन सिटी, असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह हुए दर्दनाक विमान हादसे में शहीद हुए डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत को सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान वायुसेना, प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा गांव देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

आपको बता दें कि सोमवार दोपहर बाद भारतीय वायुसेना के विशेष वाहन से शहीद खेमाराम कुमावत की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव नावां उपखंड के पांचोता पहुंची। तिरंगे में लिपटे बेटे को देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहीद के परिजन फफक-फफक कर रो पड़े, जबकि महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शहीद के माता-पिता और भाइयों की आंखें नम हो गईं। मां और अन्य परिजन अपने लाल को अंतिम बार देखकर बेसुध हो हो रहे थे, जिन्हें गांव के लोगों ने संभाला और ढांढस बंधाया।
इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें आसपास के गांवों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह जब गांव की गलियों से गुजरी तो सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “शहीद खेमाराम कुमावत अमर रहे” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

शहीद की अंत्येष्टि के दौरान उपनिवेशन, सैनिक कल्याण और राजस्व विभाग के राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी, पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सारिका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी, जिला कलक्टर अवधेश मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल नेहरा, कमांडेंट समीर डागर, कमांडो भवानी सिंह सहित वायुसेना, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पांचोता पहुंचे। सभी ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।


बाद में भारतीय वायुसेना के जवानों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी दी। इसके पश्चात वायुसेना के अधिकारियों ने फ्लैग सेरेमनी के तहत राष्ट्र की ओर से सम्मान स्वरूप तिरंगा शहीद के पिता रामदेव कुमावत को सुपुर्द किया। इसके बाद शहीद के भाई मनोज कुमावत ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान शनिवार सुबह करीब 10 बजे जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग की प्रक्रिया में था। इसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। इस दुर्घटना में अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत सहित पांच वायुसेना कर्मी शहीद हो गए,
वायुसेना के अनुसार दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत तथा अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम का निधन हुआ है।


महज 25 वर्षीय खेमाराम कुमावत दिसंबर 2022 में भारतीय वायुसेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। उनका कार्यकाल पूरा होने में अधिक समय शेष नहीं था। परिवार में उनकी शादी की तैयारियां भी चल रही थीं, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने देश सेवा के पथ पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद खेमाराम के पिता रामदेव कुमावत किसान हैं और खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बड़े भाई राजेंद्र कुमावत इंजीनियर हैं, दूसरे भाई गोविंद कुमावत CISF में जवान हैं, जबकि तीसरे भाई मनोज कुमावत राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। उनकी छोटी बहन सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है। साधारण किसान परिवार से निकलकर देश सेवा का सपना पूरा करने वाले खेमाराम आज पूरे क्षेत्र के लिए गर्व, प्रेरणा और वीरता की मिसाल बन गए हैं।

प्रदेश सरकार में राजस्व ,उपनिवेशन और सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खेमाराम कुमावत ने देश सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है और उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की धरती है और यहां के जवान हमेशा देश की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। खेमाराम की शहादत पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है तथा सरकार की ओर से नियमानुसार हर संभव सहायता और सम्मान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने शहीद को नमन करते हुए कहा कि देश ऐसे वीर सपूतों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता

पूर्व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने शहीद खेमाराम कुमावत को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी । उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। खेमाराम ने कम उम्र में ही मातृभूमि की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे राजस्थान और देश को गर्व है। उन्होंने कहा कि शहीद का यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा प्रदेश परिवार के साथ खड़ा है।

महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सारिका चौधरी ने शहीद खेमाराम कुमावत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि खेमाराम कुमावत ने कम उम्र में ही राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी शहादत ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है, वहीं उनके असामयिक निधन से हर देशवासी दुखी है।
सारिका सिंह चौधरी ने कहा कि शहीद का परिवार आज जिस पीड़ा से गुजर रहा है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा प्रदेश और देश परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि खेमाराम का बलिदान युवाओं को राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा तथा उनका नाम हमेशा सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा।

जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने शहीद खेमाराम कुमावत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की रक्षा करते हुए दिया गया उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि खेमाराम ने डीडवाना-कुचामन जिले और पूरे राजस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। जिला प्रशासन शहीद परिवार के साथ खड़ा है तथा सरकार की ओर से नियमानुसार सभी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के त्याग और बलिदान से ही देश सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।

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