कुचामन में छीपा समाज के राष्ट्रीय इजलास में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों पर मंथन

डॉ. यूसुफ देवड़ा ने दिया समाज स्तर पर राष्ट्रीय, प्रादेशिक और स्थानीय चिकित्सा प्रकोष्ठ बनाने का सुझाव,

अहमदाबाद के मुफ्ती ताहिर छीपा बोले— शादियों में फिजूलखर्ची रोककर तालीम पर बढ़ाएं खर्च

राजनीति में समाज की भागीदारी बढ़ाने और महिलाओं को आगे लाने पर भी हुई चर्चा

कुचामन सिटी। छीपा समाज की ओर से कुचामन सिटी में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रीय इजलास में समाज के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाज की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखे।


आयोजन समिति के डॉक्टर मोहम्मद सलीम राव ने बताया कि राष्ट्रीय इजलास में इस बात पर जोर दिया गया कि समाज की वास्तविक प्रगति के लिए शिक्षा का विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं तक सहज पहुंच, विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची पर रोक और युवाओं को रोजगार से जोड़ना आवश्यक है। वक्ताओं ने समाज में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं की राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।

समाज के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रकोष्ठ बनाने का सुझाव

सीकर के जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. यूसुफ देवड़ा ने राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन समिति ने समाज को एक मंच पर लाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने का सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय इजलास में समाज में फैली कुरीतियों और विभिन्न समस्याओं को समाप्त करने पर चर्चा हुई तथा उनके समाधान के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए।

डॉ. देवड़ा ने सुझाव दिया कि समाज स्तर पर राष्ट्रीय, प्रादेशिक और स्थानीय स्तर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रकोष्ठों का गठन किया जाना चाहिए। इन प्रकोष्ठों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद सदस्यों को इलाज के लिए उचित मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।


उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य प्रकोष्ठ बनने से समाज के लोगों को उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता तथा चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी। समाज के प्रतिनिधियों को इलाज के खर्च का आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में भी सामूहिक प्रयास किए जा सकेंगे।

मुफ्ती ताहिर छीपा बोले— शादियों में फिजूलखर्ची रोकें, तालीम पर बढ़ाएं खर्च

अहमदाबाद से आए मुफ्ती ताहिर छीपा ने कहा कि यह खुशी की बात है कि देश के विभिन्न राज्यों से छीपा समाज के प्रतिनिधि कुचामन में आयोजित राष्ट्रीय इजलास में शामिल होने पहुंचे हैं। समाज को आगे बढ़ाने, कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में प्रतिनिधियों की भागीदारी सराहनीय है।


उन्होंने कहा कि कुचामन से शुरू हुई यह पहल निरंतर जारी रहनी चाहिए, ताकि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग एक मंच पर बैठकर समस्याओं का समाधान तलाश सकें।
मुफ्ती ताहिर छीपा ने विशेष रूप से शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च कम करके शिक्षा पर अधिक धन खर्च किया जाना चाहिए। समाज को तालीम को प्राथमिकता देनी होगी, क्योंकि शिक्षा ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बेहतर बनाने का आधार है।

जयपुर के हारून अली बोले— शिक्षा बढ़ेगी तो सामाजिक बुराइयां होंगी खत्म

शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े जयपुर के हारून अली ने भी राष्ट्रीय सम्मेलन की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रगति हो रही है, लेकिन अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रसार होने से समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

समाज के प्रत्येक परिवार तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है।
हारून अली ने शिक्षा के प्रति जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और समाज के लोगों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

जमीनी स्तर पर शिक्षा सुधार और रोजगार पर जोर

अहमदाबाद से आई हिना साहिबा ने राष्ट्रीय इजलास में समाज में शिक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर पर सुधार की आवश्यकता बताई। वक्ताओं का कहना था कि समाज के बच्चों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ सकें।


समाज के युवाओं को रोजगार से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़कर समाज की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।

राजनीति में समाज की भागीदारी बढ़ाने और महिलाओं को आगे लाने का आह्वान

सम्मेलन में समाज की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। रूपनगढ़ के जनप्रतिनिधि इकबाल छीपा ने छीपा समाज के प्रतिनिधियों से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और स्थानीय निकायों से लेकर अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं तक अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और विकास से जुड़े कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक जागरूकता जरूरी है।


इसके साथ ही महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की भी हिमायत की गई। जनप्रतिनिधि इकबाल छीपा ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में आगे आने के अवसर मिलने चाहिए, ताकि समाज के विकास में उनकी भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा मिल सके।

राष्ट्रीय सम्मेलन से समाज को नई दिशा देने की पहल

कुचामन सिटी में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुधार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा को समाज के भविष्य से जोड़कर देखा गया। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।


सम्मेलन का मुख्य संदेश यही रहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने, स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और युवाओं तथा महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

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