किसान के ट्रांसफार्मर उतारने का विवाद सुलझा, राष्ट्रीय किसान महासभा के हस्तक्षेप से मिली राहत

कुचामन सिटी क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा बकाया बिल के नाम पर किसान लालूराम मेघवाल का ट्रांसफार्मर उतारने के बाद उपजा विवाद आखिरकार सुलझ गया। किसानों के संगठन राष्ट्रीय किसान महासभा के हस्तक्षेप से विभागीय अधिकारियों और किसान के बीच समाधान निकला तथा ट्रांसफार्मर को पुनः स्थापित करवा दिया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम ने एक किसान के खेत पर पहुंचकर बकाया राशि का हवाला देते हुए ट्रांसफार्मर उतार लिया था। इस कार्रवाई से किसान की सिंचाई व्यवस्था ठप हो गई और खड़ी फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे। घटना की सूचना मिलते ही किसान नेता परसाराम बुगालिया के साथ संगठन के जिला अध्यक्ष गंगाराम कुड़ी, जिला संयोजक प्रहलाद मूंड, तहसील महासचिव सुरेश लोरा, कमलकांत डोडवाडिया, सीताराम रुलानिया सहित पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को गंभीरता से लिया।


किसान नेता परसाराम बुगालिया ने कहा कि “किसान पहले ही फसल खराबे, बढ़ती लागत और कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। ऐसे समय में ट्रांसफार्मर उतारने जैसी कठोर कार्रवाई से उसकी पूरी आजीविका प्रभावित हो जाती है। यदि बकाया है तो उसका समाधान संवाद और किस्तों के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, न कि खेती ठप करके।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के सम्मान और अधिकारों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से वार्ता के दौरान आग्रह किया कि किसानों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाया जाए और समाधानात्मक रास्ता निकाला जाए। सकारात्मक चर्चा के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले पर पुनर्विचार करते हुए ट्रांसफार्मर दोबारा लगवाने पर सहमति दी, जिससे किसान को राहत मिली।
इस अवसर पर बनवारी लाल कुड़ी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान महासभा ने कहा कि संगठन हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी किसी प्रकार का अन्याय होने पर मजबूती से आवाज उठाई जाएगी।

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