कुचामन सिटी में हाजी अब्दुल हमीद मोलानी परिवार की पहल, उलेमा और शहर के प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में हुआ संग-ए-बुनियाद
कुचामन सिटी, शहर में शिक्षा, तरबियत और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत रविवार को हुई। मरहूमा अल्हाजा आबिदा मोलानी के इसाले-सवाब के लिए स्थापित किए जा रहे “छीपा आबिदा मोलानी तालीम सेंटर” का रविवार सुबह संग-ए-बुनियाद रखी गई। इस अवसर पर हाजी अब्दुल हमीद मोलानी एवं उनके परिवार के सदस्य, शहर के उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
रहमानीयाँ मस्जिद के पास, रहमानिया कॉलोनी, व्यापारी मोहल्ला में आयोजित कार्यक्रम में मरहूमा आबिदा मोलानी को याद करते हुए उनके लिए दुआ की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने इस पहल को समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

इल्म, हुनर और बेहतर तरबियत का केंद्र बनेगा तालीम सेंटर
कार्यक्रम में बताया गया कि छीपा आबिदा मोलानी तालीम सेंटर के माध्यम से कौम के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ हुनर, अच्छी तरबियत और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। परिवार की मंशा है कि सेंटर से होने वाला हर नेक और सकारात्मक कार्य मरहूमा अल्हाजा आबिदा मोलानी के लिए सदक़ा-ए-जारीया बने।
हाजी अब्दुल हमीद मोलानी बोले, नेक काम को आगे बढ़ाने की कोशिश
इस अवसर पर हाजी अब्दुल हमीद मोलानी ने कहा कि उनकी पत्नी मरहूमा अल्हाजा आबिदा मोलानी की याद को केवल शब्दों तक सीमित रखने के बजाय समाज के लिए उपयोगी कार्य के माध्यम से जीवित रखने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की की बुनियाद होती है और बच्चों को बेहतर तालीम के साथ अच्छी तरबियत देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि परिवार हमेशा से कौम की खिदमत और समाज सेवा से जुड़ा रहा है और आगे भी इस सिलसिले को जारी रखने का प्रयास करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह तालीम सेंटर बच्चों और नौजवानों के लिए ज्ञान, संस्कार और बेहतर भविष्य की राह प्रशस्त करेगा तथा मरहूमा आबिदा मोलानी के लिए एक सच्चा सदक़ा-ए-जारीया साबित होगा।
बहादुर खान ने बताया प्रेरणादायक कदम
सेवानिवृत्त ट्रेजरार बहादुर खान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसी प्रियजन की याद में शिक्षा और समाज के लिए संस्थान की स्थापना करना बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर किया गया कार्य आने वाली कई पीढ़ियों को लाभ पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि तालीम सेंटर केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज के बच्चों और नौजवानों के भविष्य को मजबूत बनाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने हाजी अब्दुल हमीद मोलानी और उनके परिवार को इस नेक पहल के लिए बधाई दी।

मुस्लिम एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी ने की पहल की सराहना
मुस्लिम एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के सदर मोहम्मद शकील ने कहा कि समाज की वास्तविक तरक्की शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब बच्चों को बेहतर शिक्षा और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है, तालीम सेंटर की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है।
वहीं, सोसायटी के सेक्रेट्री अकीक अहमद उस्मानी ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को शिक्षा और सामाजिक उत्थान के कार्यों में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरहूमा आबिदा मोलानी की स्मृति में शुरू किया जा रहा यह कार्य दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सेंटर भविष्य में बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मौलाना साबिर हुसैन ने की दुआ
मस्जिद छीपान के पेश इमाम मौलाना साबिर हुसैन ने कहा कि इस्लाम में इल्म हासिल करने और उसे फैलाने को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की याद में ऐसा कार्य शुरू करना, जिससे लोगों को लगातार लाभ मिलता रहे, अत्यंत नेक अमल है।

उन्होंने मरहूमा अल्हाजा आबिदा मोलानी की मगफिरत और बुलंद दर्जात के लिए दुआ करते हुए कहा कि अल्लाह तआला इस तालीम सेंटर को समाज के बच्चों और नौजवानों के लिए लाभकारी बनाए तथा इस नेक कार्य को स्वीकार फरमाए।
शहर के उलेमा और प्रबुद्धजनों ने बढ़ाया हौसला
संग-ए-बुनियाद कार्यक्रम में शहर के उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन मौजूद रहे। सभी ने हाजी अब्दुल हमीद मोलानी एवं उनके परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के हित में एक सकारात्मक और दूरगामी कदम बताया।
गौरतलब है कि हाजी अब्दुल हमीद मोलानी और उनका परिवार लंबे समय से कौम की खिदमत और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहा है। अब मरहूमा अल्हाजा आबिदा मोलानी की याद में तालीम सेंटर की स्थापना कर परिवार ने इस सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की परंपरा को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम का संदेश भी यही रहा कि “याद ऐसी हो जो सिर्फ दिलों में नहीं, बल्कि आने वाली नस्लों की जिंदगी में भी रोशनी बने।”
