कुचामन सिटी। ग्राम पंचायत दीपपुरा की डूकीया पेट्रोल पंप के पीछे स्थित दलित (रेगर) बस्ती में लंबे समय से चल रहा पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। बस्ती के करीब 20–25 घर आज भी मूलभूत सुविधा पानी से वंचित हैं, जबकि “हर घर जल योजना” के तहत सभी घरों तक जल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है।

इस गंभीर समस्या को लेकर भगत सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष एवं विश्व जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष परसाराम बुगालिया ने उपखंड अधिकारी (SDM) विश्वामित्र मीणा को ज्ञापन सौंपते हुए मामला मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंचाया है। ज्ञापन में बताया गया कि कई बार जिला कलेक्टर, PHED विभाग, ग्राम पंचायत और पंचायत समिति को शिकायत देने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि दलित बस्ती होने के कारण भेदभाव की आशंका को भी जन्म देता है। सवाल उठाया गया कि यदि यही स्थिति किसी अन्य बस्ती की होती तो क्या प्रशासन इतना ही उदासीन रहता।

परसाराम बुगालिया ने सरकार और प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एक ओर सरकार हर घर जल योजना की सफलता का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर दीपपुरा की यह बस्ती आज भी पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह मामला राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उठाया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
SDM ने दिया आश्वासन
इस मौके पर उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित विभाग को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं तथा बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञापन में बस्ती को तुरंत पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तत्परता दिखाता है।
