कुचामन सिटी में रमजान के पवित्र महीने के 23वें दिन शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज पूरे एहतराम और अकीदत के साथ अदा की गई। शहर और आसपास के क्षेत्रों की मस्जिदों में जौहर की अजान के बाद से ही नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली। जुमे की नमाज के लिए मस्जिदें नमाजियों से गुलजार नजर आईं और कई जगह मस्जिदों के बाहरी परिसर तक नमाजियों की सफें नजर आई । पूरे शहर में इबादत और रूहानियत का माहौल रहा।

नमाज से पहले विभिन्न मस्जिदों में उलेमाओं ने खुतबा और तकरीर के जरिए रमजान की फजीलत, जुमे की अहमियत तथा फितरा और जकात की अदायगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रमजान का आखिरी दौर इबादत, तौबा और नेकियों को बढ़ाने का खास मौका होता है, इसलिए मुसलमानों को इस मुबारक समय का भरपूर फायदा उठाना चाहिए।

शहर की मुस्तफा मस्जिद के इमाम शमसुद्दीन ने बताया कि 29वें रोजे के दिन 19 मार्च को अगर चांद नजर आ जाता है तो 20 मार्च शुक्रवार को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। वहीं यदि चांद दिखाई नहीं देता है तो ईद 21 मार्च शनिवार को मनाई जाएगी और उस स्थिति में 20 मार्च को अलविदा जुमे की नमाज होगी।
मदरसा इस्लामिया सोसायटी के मेला व उर्स कमेटी के सदर मोहम्मद हुसैन लीलगर ने बताया कि कुचामन सिटी की कुचामन ईदगाह में ईद-उल-फितर की नमाज सुबह 8 बजे अदा की जाएगी, जिसमें मिर्जा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल वाहिद नईमी नमाज पढ़ाएंगे। इसी क्रम में मोहल्ला लुहारान स्थित बाबा हैदर अली दरगाह में सुबह 8:15 बजे ईद-उल-फितर की नमाज अदा कराई जाएगी।
फितरा 70 रुपये प्रति सदस्य अदा करने की अपील
मिर्जा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल वाहिद नईमी ने बताया कि कुचामन सिटी में फितरा की मिकदार प्रति सदस्य 70 रुपये निर्धारित की गई है, जिसे नमाज-ए-ईद-उल-फितर से पहले अदा कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि फितरा दो किलो 45 ग्राम गेहूं के रूप में भी अदा किया जा सकता है, ताकि जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।

अलविदा जुमे की नमाज से पहले उलेमाओं ने रमजान और जुमे के दिन की फजीलत पर भी रोशनी डाली और मुसलमानों से रमजान के बाद भी नमाज और नेक अमल कायम रखने की नसीहत दी।
जुमे की नमाज के बाद देश में अमन-शांति, तरक्की, कौमी एकता और खुशहाली के लिए खास दुआएं की गईं। नमाज के बाद सलाम पढ़ा गया और नमाजियों ने एक-दूसरे के लिए भलाई और सलामती की दुआ की।
