संगमरमर नगरी मकराना के बोरावड़ स्थित मार्बल खनन क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। बताया जा रहा है कि काम के दौरान क्रेन का रस्सा टूटने से हुए हादसे में 44 वर्षीय श्रमिक जवानाराम नायक की मौत हो गई। सिर में गंभीर चोट लगने और करीब 40 फीट नीचे गिरने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।
मृतक के परिजनों ने बताया कि मनाना निवासी जवानाराम पुत्र मोडूराम नायक बोरावड़ की कुमारी रेंज स्थित बालाजी माइन्स में कार्यरत था। मंगलवार को वह रोज की तरह खान में काम कर रहा था। दोपहर के समय सामने बंधा क्रेन का रस्सा अचानक टूट गया। रस्से से जुड़ा लोहे का कलंपु (क्लैम्प) सीधे उसके सिर पर आ लगा। जोरदार चोट लगते ही वह संतुलन खो बैठा और लगभग 40 फीट नीचे जा गिरा। साथी मजदूरों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। इस दौरान मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। मृतक के चचेरे भाई बिरमाराम पुत्र गणेशराम ने पुलिस को रिपोर्ट दी है, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।मामले की जांच एएसआई मगाराम टांडी कर रहे हैं ।
सुरक्षा में लापरवाही पर उठे सवाल
हादसे के बाद खान क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि क्रेन का रस्सा मजबूत होता तो संभवतः यह हादसा टल सकता था। आरोप है कि लागत बचाने के लिए कई बार कमजोर और सस्ते उपकरण काम में लिए जाते हैं, जिससे श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय मृतक ने न तो हेलमेट पहन रखा था और न ही सेफ्टी बेल्ट का उपयोग किया था। यदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध और अनिवार्य होते, तो शायद एक मजदूर की जान बचाई जा सकती थी। खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।
