आतंक के खिलाफ कल कुचामन उतरेगा सड़कों पर । सर्व समाज की बैठक में शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान। उधर विदेशी नंबर से चौथी धमकी: कुचामन में बढ़ी हलचल, विजय सिंह पलाड़ा फिर निशाने पर ।

पिछले तीन दिन से प्रदेश में सुर्खियों में छाए कुचामन सिटी में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा नागौर देहात जिलाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा को आज दोपहर एक बार फिर विदेशी नंबर से धमकी भरा ऑडियो संदेश प्राप्त हुआ। 13 फरवरी से शुरू हुआ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब तक चार कथित धमकी भरे ऑडियो सामने आ चुके हैं।

दोपहर 2:48 बजे आया कॉल, फिर वॉयस नोट

सोमवार दोपहर 2 बजकर 48 मिनट पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल रिसीव न होने पर तुरंत संदेश भेजा गया और दोबारा कॉल किया गया। इसके बाद एक वॉयस नोट भेजा गया, जिसमें कथित तौर पर वीरेंद्र चारण नाम का उल्लेख करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। ऑडियो में यह भी कहा गया कि “कुचामन के व्यापारी रमेश रुलानिया जैसा हाल करेंगे… गार्ड लेकर कुछ दिन घूम लो… समय लगेगा, लेकिन अंजाम भुगतना पड़ेगा।”

कॉलिंग कोड यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) का बताया जा रहा है, जिससे मामले ने अंतरराष्ट्रीय एंगल भी ले लिया है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।

पुरानी वारदात की छाया

धमकी में दिवंगत कारोबारी रमेश रुलानिया का उल्लेख किए जाने से शहर में चिंता और गहरा गई है। रुलानिया की पूर्व में हुई हत्या ने पहले ही क्षेत्र को झकझोर दिया था। अब उसी संदर्भ को दोहराते हुए दी गई चेतावनी ने दहशत का माहौल बना दिया है।

सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे संदेशों की भाषा और अंदाज से यह आशंका जताई जा रही है कि संगठित आपराधिक गिरोह की संलिप्तता हो सकती है। पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की सूचना लीक हो रही है, जिससे पल-पल की गतिविधियों की जानकारी बाहर पहुंच रही है।

पुलिस अलर्ट, बढ़ाई गई सुरक्षा

लगातार मिल रही धमकियों के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क मोड पर हैं। तकनीकी टीम कॉल और मैसेज की डिजिटल ट्रैकिंग में जुटी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को जल्द चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सर्व समाज का आक्रोश, बंद का फैसला

इसी घटनाक्रम के बीच सर्व समाज ने 17 फरवरी को कुचामन बंद और थाने के सामने धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
बंद और धरने के मद्देनज़र आज शहर में सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न वर्गों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक प्रतिनिधियों और नागरिक समूहों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक स्वर में क्षेत्र में बढ़ती धमकी और रंगदारी की घटनाओं की निंदा की। विशेष रूप से रमेश रुलानिया हत्याकांड और उससे पूर्व मिली कथित धमकियों को लेकर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं शहर की शांति और विश्वास को आघात पहुंचाती हैं, इसलिए प्रशासन को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से बंद और धरने के माध्यम से प्रशासन व सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी। नागरिकों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई।



आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य केवल शहर में सुरक्षा, कानून व्यवस्था और नागरिकों के विश्वास को मजबूत करना है।


शहर के नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इस सामूहिक प्रयास को सफल बनाने का आग्रह किया गया है।

आयोजकों का कहना है कि यह कदम शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता दर्ज कराने के लिए उठाया जा रहा है।
लगातार मिल रही धमकियों ने न केवल राजनीतिक माहौल को गरमाया है, बल्कि आमजन में भी असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

शहर के नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इस सामूहिक प्रयास को सफल बनाने का आग्रह किया गया है।

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