प्रदेश की वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में डीडवाना–कुचामन जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। न्यायिक, औद्योगिक, प्रशासनिक और धार्मिक विकास से जुड़ी इन सौगातों ने जहां सत्तापक्ष में उत्साह भरा है, वहीं विपक्ष और युवाओं के एक वर्ग में असंतोष भी खुलकर सामने आया है।
बजट में कुचामन सिटी में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट) न्यायालय खोलने की घोषणा को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके अलावा परबतसर में नया रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने, जिले में एससी/एसटी वृत्त कार्यालय, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और अभय कमांड सेंटर की स्थापना, मीठड़ी में एवियन डिजीज ट्रीटमेंट के लिए स्पेशलाइज्ड सेंटर तथा घाटवा स्थित घाटेश्वर महादेव मंदिर के विकास की घोषणाएं शामिल हैं।
भाजपा के मंडल महामंत्री नेता जसराज ने बजट को “बहुत ही अच्छा और क्षेत्र के लिए लाभकारी” बताते हुए कहा कि जिले को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं मिली हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं में इसे लेकर खुशी का माहौल है। अधिवक्ता हीराराम गुर्जर ने कुचामन में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) न्यायालय की स्थापना को ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि धारा 138 (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों का स्थानीय स्तर पर त्वरित निस्तारण होगा, व्यापारियों और आमजन को शीघ्र न्याय मिलेगा तथा स्थानीय अधिवक्ताओं को भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
कुचामन बार संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह बरवाली ने भी कुचामन में NI एक्ट न्यायालय की स्थापना के ऐलान पर सरकार का आभार जताया है । उन्होंने कहा वर्तमान में चेक अनादरण के हजारों मामले लंबित है, ऐसे में ये न्यायालय शुरू होने पर ऐसे प्रकरणों के निस्तारण में आसानी रहेगी । इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी।
महिलाओं की ओर से भाजपा की बरखा रानी पाटनी ने ‘लखपति दीदी’ योजना को मजबूत किए जाने और राजसखी स्टोर खोलने की घोषणा का स्वागत किया। उनका कहना है कि ऋण सीमा बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए करना महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने वाला कदम है।

भाजपा के किशन गुर्जर ने भी बजट को युवाओं के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि आने वाले समय में इससे युवा वर्ग को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
हालांकि दूसरी ओर कांग्रेस ने बजट पर तीखा हमला बोला है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत ने इसे आंकड़ों का पुलिंदा बताते हुए कहा कि किसान, मजदूर और आमजन की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भंवर अली खान ने कहा कि युवा,किसान, महिला सहित सभी वर्गों को इस बजट में सिर्फ जुमले मिले हैं ।

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी ने भी बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि वित्त मंत्री स्वयं महिला होते हुए भी महिलाओं के लिए कोई विशेष प्रभावी घोषणा नहीं कर सकीं।
युवाओं के एक वर्ग में भी नाराजगी दिखी। युवा सुभाष पावड़िया ने आरोप लगाया कि बजट जमीनी हकीकत से दूर है और स्थानीय समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

वहीं युवा अरुण पाराशर ने रोजगार और मेडिकल कॉलेज जैसी मांगों के पूरा न होने पर निराशा जताई। भीम सेना के जिलाध्यक्ष विक्रम जोया ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए विशेष कर्ज देने का ऐलान किया गया है अगर वह धरातल पर नजर आया ,तभी इस घोषणा को अच्छा कहा जाएगा ।
कुल मिलाकर, राजस्थान बजट 2026-27 में डीडवाना–कुचामन को कई प्रशासनिक और विकासात्मक घोषणाएं मिली हैं। सत्तापक्ष इसे दूरदर्शी और क्षेत्र के विकास का आधार बता रहा है, जबकि विपक्ष और कुछ युवा इसे अपेक्षाओं से कमतर मान रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये घोषणाएं कितनी जल्द धरातल पर उतरती हैं और आमजन को वास्तविक लाभ कब तक मिल पाता है।

