कुचामन में सियासी संग्राम तेज: कांग्रेस का पलटवार—“132 दिन बनाम साढ़े चार साल की तुलना बेहद हास्यास्पद”

कुचामन नगर परिषद में पार्षद विदाई समारोह के बाद शुरू हुई भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा द्वारा 132 दिनों के कार्यकाल को साढ़े चार साल से बेहतर बताने के दावे के बाद अब कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मुकेश कुमावत और नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा के आरोपों को “हास्यास्पद और भ्रामक” बताया है।

“कांग्रेस बोर्ड के ऐतिहासिक कार्यों पर सवाल उठाना अनुचित”

संयुक्त बयान में कहा गया कि कुचामन नगर परिषद में 28 जनवरी 2026 को कांग्रेस बोर्ड का कार्यकाल पूर्ण हुआ। साढ़े चार वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस का निर्वाचित बोर्ड रहा, जबकि अंतिम 132 दिनों में सत्ता का दुरुपयोग कर निर्वाचित सभापति और उपसभापति को हटाकर भाजपा पार्षद को मनोनीत सभापति बनाया गया। ऐसे में 132 दिनों को साढ़े चार साल से बेहतर बताना तथ्यहीन है।

“प्रदेश में भाजपा के दो साल, फिर भी ठोस काम नहीं”

मुकेश कुमावत और सुतेन्द्र सारस्वत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार को दो वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन कुचामन में कोई नया ठोस विकास कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। कस्बे में अब तक बनी सड़कों, नालियों, ब्लॉक सड़क, सामाजिक भवनों, धार्मिक स्थलों और श्मशानों के विकास कार्य पूर्व विधायक व उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी और कांग्रेस बोर्ड की देन हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि महेंद्र चौधरी की अनुशंसा से कुचामन में 300–400 करोड़ रुपये की सीवरेज और वृहद पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। सीवरेज कार्यों के बाद जिन सड़कों का पुनर्निर्माण हुआ, उन्हें भाजपा के खाते में बताना गलत है।

“220 करोड़ के प्रस्ताव पहले ही पारित”

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नगर परिषद कांग्रेस बोर्ड की बैठकों में लगभग 220 करोड़ रुपये के विकास प्रस्ताव पारित किए जा चुके हैं, जो परिषद रिकॉर्ड में दर्ज हैं। राज्य सरकार से विकास मद की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण कार्य लंबित हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद को 15वें वित्त आयोग की लगभग 27 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दो वर्षों से बकाया है। इसके अलावा विद्युत विभाग का लगभग 25 करोड़, सफाई ठेकों का 2.5 करोड़ और विकास कार्यों के ठेकेदारों का लगभग 15 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में करोड़ों के नए शिलान्यास की घोषणा करना व्यावहारिक नहीं है।

“30 करोड़ के शिलान्यास में अधिकांश कार्य पहले से पारित”

कांग्रेस ने दावा किया कि विदाई समारोह में जिन 30 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास बताया गया, उनमें अधिकांश कार्य पूर्व कांग्रेसी बोर्ड द्वारा पहले ही पारित किए जा चुके थे। परिषद में धनराशि उपलब्ध न होने के बावजूद निविदाएं जारी करना केवल कमीशनखोरी की मंशा को दर्शाता है।

विकास कार्यों की लंबी सूची गिनाई

मुकेश कुमावत और सुतेन्द्र सारस्वत ने कहा कि कांग्रेस बोर्ड ने दलगत भावना से ऊपर उठकर अनेक धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक स्थलों पर कार्य करवाए। इनमें धनजी का बाग वीर हनुमान मंदिर ब्लॉक सड़क निर्माण, जीण माता मंदिर ब्लॉक फर्श, केशरिया कंवर मंदिर, उदादास महाराज मंदिर, कुम्हारान शिव मंदिर, रैगर समाज भवन, रविदास सर्किल, तेजा सर्किल, विभिन्न श्मशानों में टिनशेड व चारदीवारी, भिस्ती समाज भवन, गौशाला बीड़ सड़क निर्माण, खटीक समाज भवन, हैदर अली दरगाह में हॉल निर्माण सहित अनेक कार्य शामिल हैं।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ये कार्य कांग्रेस बोर्ड की प्रतिबद्धता और सर्वसमावेशी विकास की नीति को दर्शाते हैं।

“विकास पर खुली चर्चा को तैयार”

संयुक्त बयान में कहा गया कि भाजपा द्वारा साढ़े चार साल की तुलना 132 दिनों से करना उसी तरह है, जैसे प्रदेश स्तर पर दो साल की तुलना पांच साल से करना। कांग्रेस ने कहा कि विकास कार्यों पर खुली चर्चा के लिए वे हर समय तैयार हैं और जनता के सामने तथ्यों के साथ जवाब देंगे।

कुचामन की राजनीति में विकास को लेकर शुरू हुई यह बयानबाजी अब खुली बहस का रूप लेती दिख रही है। आने वाले दिनों में यह सियासी संग्राम और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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