मतदाता पुनरीक्षण में गड़बड़ी का आरोप: कांग्रेस का मकराना में बड़ा प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; विधायक जाकिर गैसावत बोले—“लोकतंत्र से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

राजस्थान में चल रही मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर मकराना में सियासी हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग के नियमों के उल्लंघन और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मकराना कांग्रेस ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप सिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।


कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में ‘इलेक्ट्रोल मैन्युअल 2023’ के पैरा 11.3.2 (2) का हवाला देते हुए बताया कि नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति या दल थोक में आवेदन जमा नहीं कर सकता। एक व्यक्ति केवल एक फॉर्म जमा कर सकता है, जबकि मान्यता प्राप्त दलों के बीएलए-2 प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म ही दे सकते हैं। इसके बावजूद एक विशेष राजनीतिक दल द्वारा एक ही दिन में सैकड़ों की संख्या में फॉर्म-6 और फॉर्म-7 जमा कराए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसे कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश बताया।
ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप सिंह चौहान ने कहा कि बिना किसी ठोस आधार और स्पष्ट विवरण के इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म जमा करना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर मतदाता सूची में मनमानी छेड़छाड़ का प्रयास है। चौहान ने प्रशासन से मांग की कि नियमों के विरुद्ध जमा किए गए सभी आवेदनों को तत्काल निरस्त किया जाए, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फॉर्म-6, 7 और 8 की संकलित सूची सार्वजनिक कर कांग्रेस को उपलब्ध कराई जाए।


इस मौके पर मकराना विधायक जाकिर गैसावत ने भी प्रशासन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे जनता के अधिकारों पर हमला है। विधायक गैसावत ने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मतदाता सूची के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।


ज्ञापन सौंपने के दौरान अमीर गेसावत, असलम चौधरी, जिशान गेसावत, अर्जुन डूडी, बिरधाराम नायक, फ़रीन सिसोदिया, अरशद अली चौधरी, मोहम्मद खालिक, इरशाद गेसावत, मंसूर अख्तर, मेहंदी हसन, इफ़्तिकारुद्दीन गेसावत, समीर गेसावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, बीएलए और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, मतदाता पुनरीक्षण को लेकर उठे इस विवाद ने मकराना की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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