“ग़ालिब की सदा में डूबी जयपुर की शाम, ‘सदा-ए-ग़ालिब’ में सोयल मणियार की शायरी ने बांधा समां”
अल्फ़ाज़ जब जज़्बात से हाथ मिलाते हैं और शायरी दिलों तक उतर आती है, तब महफ़िल सिर्फ़ कार्यक्रम नहीं रहती, वो याद बन जाती है। जयपुर के प्रेस क्लब ऑडिटोरियम में पोएटिक इंडिया की ओर से आयोजित “सदा-ए-ग़ालिब” कुछ ऐसी ही यादगार शाम बनकर सामने आई, जहाँ उर्दू अदब के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की 228वीं जयंती को शायरी, एहसास और तहज़ीब के साथ मनाया गया। इस अदबी महफ़िल में देश के जाने-माने शायरों और कलाकारों ने ग़ालिब की सोच, उनके जज़्बात और उनकी अमर…
