9 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की तत्परता बनी नज़ीर, महाराष्ट्र भागने की फिराक में आरोपी को बस स्टैंड से पकड़ा, साक्ष्य मिटाने के आरोप में मां के विरुद्ध भी कार्रवाई
डीडवाना-कुचामन। चितावा थाना क्षेत्र के एक गांव में 9 वर्षीय मासूम बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में डीडवाना-कुचामन पुलिस ने ,घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए ना सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार किया ,बल्कि पांचवें दिन न्यायालय में चालान पेश कर दिया। संवेदनशील मामले में पुलिस ने सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़िता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई और अनुसंधान शुरू किया। आरोपी के महाराष्ट्र भागने की फिराक में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे गांव के बस स्टैंड से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। वहीं, घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाने और पीड़िता को डराने-धमकाने के आरोप में आरोपी की मां के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई में पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए 26 सितंबर को पॉक्सो कोर्ट, डीडवाना में चालान पेश किया। गंभीर अपराध में त्वरित अनुसंधान और समयबद्ध कार्रवाई का यह मामला जिले ही नहीं प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना 21 सितंबर 2026 की है। चितावा थाना पुलिस को सूचना मिली कि घाटवा गांव में एक नाबालिग बालिका के साथ गंभीर अपराध हुआ है। सूचना मिलते ही थानाधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पीड़िता को तत्काल राजकीय चिकित्सालय कुकनवाली भिजवाकर उपचार और आवश्यक मेडिकल परीक्षण करवाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चुनावी व्यस्तताओं के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने मामले को प्राथमिकता देते हुए अनुसंधान और कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा कि मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन तथा वृत्ताधिकारी ऋतु कुमारी के सुपरविजन में चितावा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
एसपी डॉ. प्यारे लाल शिवरान ने कहा: संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान के निर्देशन में इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुसंधान को प्राथमिकता दी। एसपी डॉ प्यारे लाल शिवरान ने बताया कि मामले में पुलिस थाना चितावा में प्रकरण संख्या 162/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 137(2), 65(2), 351(2), 238(क) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाकर अनुसंधान आगे बढ़ाया। पीड़िता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।

नाबालिग बालिका से जुड़े मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की ओर से पीड़िता की सुरक्षा, चिकित्सा संबंधी प्रक्रिया और आवश्यक साक्ष्य संकलन पर विशेष ध्यान दिया गया।
एसपी के निर्देशानुसार पुलिस अधिकारियों को मामले में समयबद्ध कार्रवाई करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान पूरा करने और न्यायालय में चालान पेश करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना और गंभीर अपराध के मामले में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होने देना रहा। इसी के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अनुसंधान की प्रगति पर नजर रखी गई और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
एएसपी विमल सिंह नेहरा ने बताया: योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को पकड़ा, पांच दिन में पेश किया चालान
कुचामन सिटी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा के मार्गदर्शन में चितावा पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
एएसपी नेहरा ने बताया कि पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही अनुसंधान शुरू किया। आरोपी के घटना के बाद महाराष्ट्र भागने की फिराक में होने की जानकारी सामने आने पर पुलिस टीम को तत्काल सक्रिय किया गया। संभावित फरारी को रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गाँव के बस स्टैंड से दस्तयाब कर लिया।
इसके बाद अनुसंधान के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल परीक्षण और अन्य आवश्यक साक्ष्यों को संकलित करते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

एएसपी विमल सिंह नेहरा ने बताया कि पुलिस ने अनुसंधान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। पुलिस की प्राथमिकता थी कि पीड़िता को न्याय दिलाने के उद्देश्य से मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र न्यायालय में चालान पेश किया जाए।
इसी क्रम में 21 सितंबर को मामला दर्ज होने के बाद 26 सितंबर 2026 को दोनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो कोर्ट, डीडवाना में चालान पेश कर दिया गया।
साक्ष्य मिटाने के आरोप में आरोपी की मां के विरुद्ध भी कार्रवाई
इस मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू आरोपी की मां की भूमिका से जुड़ा रहा। पुलिस के अनुसार, 38 वर्षीय और दो बच्चों का पिता आरोपी शख्स , मासूम बालिका के पड़ौस में ही रहता है । घटना के दिन वो बदनीयत से बालिका को बहलाकर अपने घर में ले आया और मासूम बालिका से दुष्कर्म किया ।
मामले में पुलिस जांच के दौरान आरोपी की माँ पर घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाने और पीड़िता को डराने-धमकाने के आरोप सामने आने पर आरोपी की माँ विरुद्ध भी कानून सम्मत कार्रवाई की गई।
पांच दिन में चालान पेश करना रहा कार्रवाई का प्रमुख पहलू
घटना 21 सितंबर को सामने आई और 26 सितंबर को न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया। इस प्रकार पुलिस ने महज पांच दिन में आरोपी की गिरफ्तारी से लेकर अनुसंधान की आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में मामला प्रस्तुत करने तक की कार्रवाई की।
गंभीर अपराधों में अनुसंधान की गुणवत्ता, साक्ष्यों का संकलन और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मामले में पुलिस द्वारा समयबद्ध तरीके से चालान पेश करना उल्लेखनीय रहा। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
इस पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में थानाधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत के साथ एएसआई प्रदीप चौधरी, एएसआई गोपालराम, हेड कांस्टेबल पुखराज, कांस्टेबल राकेश सामोता तथा वृत्त कार्यालय कुचामन सिटी में तैनात कांस्टेबल कैलाश चंद शामिल रहे।
कुल मिलाकर, डीडवाना – कुचामन जिले का यह मामला संवेदनशील अपराधों में पुलिस की तत्परता, समयबद्ध अनुसंधान और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का उदाहरण बनकर सामने आया है। मामले में पांच दिन में चालान पेश किए जाने से पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिसकी चर्चा चारों और हैं
