कुचामन सिटी। कुचामन नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने शहर की राजनीति को बेहद दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है। 45 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी तो बनी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। भाजपा को 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि 13 निर्दलीय पार्षद जीतकर अब सत्ता के असली ‘किंगमेकर’ बन गए हैं।
45 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचने के लिए 6 और भाजपा को 8 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। अब सबकी नजरें उन 13 निर्दलीय पार्षदों पर टिकी हैं, जिनका फैसला तय करेगा कि कुचामन नगर परिषद में सभापति की कुर्सी पर कौन बैठेगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच आठ चरणों में हुई मतगणना
कुचामन सिटी के राजकीय कन्या महाविद्यालय में सोमवार सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हुई। आठ चरणों में मतगणना पूरी होने के साथ ही एक-एक कर सभी 45 वार्डों के परिणाम सामने आए।
नतीजे घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई और जीत का जश्न मनाया।

कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन सत्ता अभी दूर
चुनाव परिणामों में कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। हालांकि 23 सीटों के बहुमत के आंकड़े से वह अभी 6 सीट दूर है। दूसरी तरफ भाजपा ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की है और उसे बहुमत तक पहुंचने के लिए 8 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।
सबसे दिलचस्प स्थिति निर्दलीयों की है। 13 निर्दलीय पार्षद जीतकर नगर परिषद पहुंचे हैं और अब दोनों प्रमुख दलों की नजरें इन्हीं पर टिक गई हैं।
खास बात यह भी है कि चुनाव जीतने वाले कई निर्दलीय प्रत्याशी ऐसे हैं, जो टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा और कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे थे। ऐसे में सभापति चुनाव से पहले राजनीतिक संपर्क, बैठकों और जोड़-तोड़ का दौर तेज होने की संभावना है।
हेमराज चावला की हार ने चौंकाया
कुचामन चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर वार्ड संख्या 9 में देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, लगातार आठ बार पार्षद रह चुके पूर्व उपसभापति हेमराज चावला को इस बार हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा प्रत्याशी सुनील कुमार ने हेमराज चावला को 41 मतों से पराजित कर दिया। सुनील कुमार को 422 मत मिले, जबकि हेमराज चावला को 381 मत प्राप्त हुए।
आठ बार पार्षद रहने के बाद हेमराज चावला की हार को चुनाव परिणामों का बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

वार्ड 27 की हॉट सीट: बागी महेश रामचंद्रका ने भाजपा को दिया झटका
कुचामन नगर परिषद चुनाव में सबसे चर्चित मुकाबलों में वार्ड संख्या 27 शामिल रहा। भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे महेश रामचंद्रका ने भाजपा प्रत्याशी रविकांत गट्टाणी को चुनौती देते हुए शानदार जीत दर्ज की।
महेश रामचंद्रका को 417 मत मिले, जबकि रविकांत गट्टाणी को 317 मत प्राप्त हुए। महेश रामचंद्रका ने भाजपा प्रत्याशी को 100 मतों से पराजित किया।
रविकांत गट्टाणी पूर्व पालिकाध्यक्ष राधेश्याम गट्टाणी के पुत्र हैं। इस सीट को जीतने के लिए भाजपा के कई पदाधिकारियों ने जोर लगाया, लेकिन पार्टी अपने प्रत्याशी को हार से नहीं बचा सकी।
पूर्व विधायक के पुत्र राजेंद्र कुमावत भी हारे
वार्ड संख्या 12 का चुनाव परिणाम भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। यहां भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र कुमावत को हार का सामना करना पड़ा।
राजेंद्र कुमावत चार बार भाजपा विधायक रहे स्वर्गीय हरिश्चंद्र कुमावत के पुत्र हैं। कांग्रेस प्रत्याशी दीनदयाल ने 505 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि राजेंद्र कुमावत को 311 मत मिले।
वार्ड 38 पर टिकी थीं नजरें, शाजीदा ने दर्ज की बड़ी जीत
वार्ड संख्या 38 के परिणाम को लेकर भी शहर में काफी चर्चा थी। इस वार्ड से भाजपा प्रत्याशी शाजीदा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
शाजीदा को 633 मत मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी बसीरन को 311 मत प्राप्त हुए। शाजीदा ने बसीरन को 322 मतों के अंतर से पराजित किया।
इस वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी चांद बेगम ने भी 232 मत हासिल किए, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय बन गया था।
वार्ड 31 में ललिता वर्मा पारीक की हैट्रिक, भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त
कुचामन नगर परिषद चुनाव में वार्ड संख्या 31 का मुकाबला भी काफी रोचक माना जा रहा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी ललिता वर्मा पारीक ने सभी राजनीतिक कयासों को पीछे छोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की। ललिता वर्मा पारीक ने इस जीत के साथ लगातार तीसरे चुनाव में जीत की हैट्रिक भी पूरी कर ली।
ललिता वर्मा पारीक को 439 मत मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी तायरा बेगम को 322 मत प्राप्त हुए। इस तरह ललिता वर्मा पारीक ने 117 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर वार्ड में अपना दबदबा कायम रखा।

वहीं भाजपा प्रत्याशी रेणु गौड़ को केवल 140 मत ही मिले। कुल पड़े वैध मतों के अनुपात के अनुसार उन्हें जमानत बचाने के लिए आवश्यक मत नहीं मिल सके और उनकी जमानत जब्त हो गई।
वार्ड 31 के नतीजे ने यह साफ कर दिया कि ललिता वर्मा पारीक की वार्ड में मजबूत पकड़ बरकरार है। लगातार तीसरी जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की है साथी पूर्व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी के उन्हें टिकट देने के फैसले को भी सही साबित किया ।
वार्ड 41 में फजलुर्रहमान की बड़ी जीत, भाजपा को सिर्फ 71 वोट
मुस्लिम बहुल वार्ड संख्या 41 में कांग्रेस प्रत्याशी फजलुर्रहमान कुरैशी ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 528 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी इकबाल कुरैशी को 227 मत प्राप्त हुए।
फजलुर्रहमान ने 301 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
इस वार्ड में भाजपा ने दीन मोहम्मद को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें केवल 71 मत मिले।
वार्ड 10 की चर्चित जंग: आठ प्रत्याशी मैदान में, बागी बूंदू अली जीते
कुचामन की चर्चित सीटों में शामिल वार्ड संख्या 10 में कुल आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे बूंदू अली ने जीत दर्ज की।
बूंदू अली को 316 मत मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों में सीपीएम के शेख नवाब और कांग्रेस के शाहरुख रहे। दोनों को 227-227 मत मिले। बूंदू अली ने दोनों को 89 मतों के अंतर से पीछे छोड़ा।
सबसे बड़ी जीतें: 746 वोट से बाबूलाल चमके
चुनाव में कई प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 18 में भाजपा के बाबूलाल कुमावत ने 746 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी देवीलाल को केवल 20 मत मिले।
इसी तरह वार्ड संख्या 21 में भाजपा के राजकुमार फौजी ने 716 मत हासिल किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राजेश कुमार को 76 मत मिले।
कांग्रेस की ओर से वार्ड संख्या 35 में रजिया देवड़ा ने 655 मतों के साथ जीत दर्ज की। वहीं वार्ड संख्या 15 में सुनीता ने 633 मत प्राप्त कर जीत हासिल की।

‘14’ का दिलचस्प संयोग भी बना चर्चा का विषय
वार्ड संख्या 14 से भाजपा प्रत्याशी डालूराम कुमावत की जीत भी चर्चा का विषय बनी रही। डालूराम ने वार्ड नंबर 14 से चुनाव लड़ा और 14 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
डालूराम को 289 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी मोहनलाल को 275 मत प्राप्त हुए।
दिलचस्प बात यह रही कि चुनाव परिणाम 14 सितंबर को सामने आए। यानी 14 नंबर वार्ड, 14 मतों से जीत और 14 तारीख को जीत, यह संयोग चुनावी चर्चा का रोचक विषय बना रहा।
वार्डवार नतीजे: ये बने कुचामन नगर परिषद के नए पार्षद
वार्ड संख्या 1 से मोहनी देवी निर्दलीय 368 मतों के साथ विजयी रहीं। वार्ड संख्या 2 से बरखा जैन भाजपा ने 268 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 3 से संतोष निर्दलीय 260 मतों के साथ विजयी रहीं, जबकि वार्ड संख्या 4 से गुंजन कंवर भाजपा ने 355 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 5 से कमल कुमार निर्दलीय 280 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 6 से भागीरथ कुमार भाजपा 578 मतों के साथ जीते। वार्ड संख्या 7 से सिकंदर कांग्रेस ने 507 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 8 से पारस जैन कांग्रेस 342 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 9 से सुनील कुमार भाजपा ने 422 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। वार्ड संख्या 10 से बूंदू अली निर्दलीय 316 मतों के साथ विजयी रहे।
वार्ड संख्या 11 से लीलाधर कांग्रेस 314 मतों के साथ जीते। वार्ड संख्या 12 से दीनदयाल कांग्रेस ने 505 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 13 से हेमराज पारीक भाजपा 356 मतों के साथ विजयी रहे।
वार्ड संख्या 14 से डालूराम कुमावत भाजपा ने 289 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 15 से सुनीता कांग्रेस 633 मतों के साथ विजयी रहीं। वार्ड संख्या 16 से विक्रम राजोरिया भाजपा 541 मतों के साथ जीते।
वार्ड संख्या 17 से योगेश शर्मा निर्दलीय ने 383 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 18 से बाबूलाल कुमावत भाजपा 746 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 19 से गीता देवी निर्दलीय 550 मतों के साथ विजयी रहीं।
वार्ड संख्या 20 से पोकरराम कांग्रेस ने 456 मतों के साथ जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 21 से राजकुमार फौजी भाजपा 716 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 22 से अमतूल कांग्रेस ने 490 मत प्राप्त कर जीत हासिल की।

वार्ड संख्या 23 से पुष्पा देवी निर्दलीय 325 मतों के साथ विजयी रहीं। वार्ड संख्या 24 से शंकरलाल मोहनपुरिया कांग्रेस ने 376 मतों के साथ जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 25 से गजेन्द्र कुमार कांग्रेस 555 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 26 से राम अवतार सैन भाजपा ने 248 मतों के साथ जीत हासिल की।
वार्ड संख्या 27 से महेश रामचंद्रका निर्दलीय 417 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 28 से मधु जांगिड़ भाजपा ने 484 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 29 से कमल कांग्रेस 172 मतों के साथ विजयी रहे।
वार्ड संख्या 30 से पूनम कांग्रेस 506 मतों के साथ विजयी रहीं। वार्ड संख्या 31 से ललिता वर्मा कांग्रेस ने 439 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 32 से मोहम्मद नासिर निर्दलीय 346 मतों के साथ विजयी रहे।
वार्ड संख्या 33 से मोहम्मद इमरान खान निर्दलीय 583 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 34 से ओमप्रकाश कांग्रेस ने 389 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। वार्ड संख्या 35 से रजिया देवड़ा कांग्रेस 655 मतों के साथ विजयी रहीं।
वार्ड संख्या 36 से कमलेश पारीक भाजपा ने 374 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 37 से दीपचंद भाजपा 402 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 38 से शाजीदा भाजपा ने 633 मतों के साथ जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 39 से इकबाल कांग्रेस ने 537 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। वार्ड संख्या 40 से चैनसुख कांग्रेस 479 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 41 से फजलुर्रहमान कुरैशी कांग्रेस ने 528 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 42 से राजूराम निर्दलीय 365 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड संख्या 43 से श्रीकिशन कुमावत निर्दलीय ने 553 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।
वार्ड संख्या 44 से नीतू कुमावत भाजपा 641 मतों के साथ विजयी रहीं। वहीं वार्ड संख्या 45 से लक्ष्मण राम निर्दलीय ने 365 मत प्राप्त कर जीत हासिल की।
अब असली मुकाबला: 21 सितंबर को सभापति चुनाव
पार्षद चुनाव के नतीजे आने के बाद अब कुचामन की राजनीति का केंद्र सभापति पद बन गया है। 21 सितंबर को कुचामन नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव होगा।
कांग्रेस के पास 17 और भाजपा के पास 15 पार्षद हैं। बहुमत के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में 13 निर्दलीय पार्षदों के बिना दोनों में से किसी भी पार्टी के लिए सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
अब सवाल यह है कि क्या निर्दलीय पार्षद एकजुट होकर अपना उम्मीदवार उतारेंगे या फिर कांग्रेस अथवा भाजपा में से किसी एक के साथ जाएंगे।
कुचामन की जनता ने इस चुनाव में साफ तौर पर संतुलित जनादेश दिया है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनी है, भाजपा मुकाबले में बनी हुई है, लेकिन सत्ता की असली चाबी 13 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है। अब 21 सितंबर को होने वाला सभापति चुनाव ही तय करेगा कि आखिर कुचामन नगर परिषद की कुर्सी पर कौन काबिज होगा और किसके सिर सभापति का ताज सजेगा।
अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के निर्वाचन की प्रक्रिया 15 सितंबर से
रिटर्निंग अधिकारी सुरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार अध्यक्षीय पदों के लिए लोक सूचना 15 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर को होगी, जबकि अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 18 सितंबर को अपराह्न 3 बजे तक निर्धारित है। अभ्यर्थिता वापसी का समय समाप्त होते ही उसके तुरन्त पश्चात 18 सितंबर को ही चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अध्यक्षीय पद के लिए मतदान 21 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक होगा। इसी दिन मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात मतगणना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नगर निकाय चुनाव की अध्यक्षीय एवं उपाध्यक्षीय पदों की निर्वाचन प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुरूप सम्पन्न कराई जाएगी।
