डीडवाना में सोमवार को किसानों का गुस्सा सड़कों पर नजर आया, जब राष्ट्रीय किसान महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने फसल खराबा, बीमा क्लेम में देरी, गिरदावरी नहीं होने और प्याज के दामों में अव्यवस्था जैसे मुद्दों पर गहरा रोष जताया।
किसानों का आरोप है कि वर्ष 2023 का फसल बीमा क्लेम अब तक लंबित है, वहीं 2025 के क्लेम में भी भारी गड़बड़ी सामने आ रही है, जिससे उनकी आर्थिक हालत लगातार बिगड़ रही है।
ज्ञापन में किसानों ने वर्ष 2025-26 की गिरदावरी तुरंत कराने, प्याज के बारदाने की बढ़ी कीमतों पर नियंत्रण, कुचामन में प्याज मंडी स्थापित करने और प्याज निर्यात खोलने की मांग रखी। इसके अलावा बिजली नियमों में भेदभाव खत्म करने, गौपालन पर समान अनुदान, संपूर्ण कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग लागू करने और नहर का पानी उपलब्ध कराने जैसे अहम मुद्दे भी उठाए गए।

किसान नेता परसाराम बुगालिया ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। बीमा क्लेम से लेकर MSP तक हर मोर्चे पर किसान ठगा जा रहा है। अगर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिए गए तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं जिला अध्यक्ष गंगाराम कुड़ी ने कहा कि बारिश ने फसलें बर्बाद कर दी, लेकिन आज तक गिरदावरी नहीं हुई। सरकार सिर्फ कागजों में योजनाएं चला रही है, जमीन पर कुछ नहीं मिल रहा। प्याज की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे। ऊपर से बारदाना महंगा कर दिया गया है, जिससे किसान पूरी तरह पिस रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि “बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी भेदभाव हो रहा है। एक ही राज्य में अलग-अलग नियम लागू करना किसानों के साथ अन्याय है।”
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि समय पर बीमा क्लेम नहीं मिलने से वे कर्ज में डूबते जा रहे हैं और खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
अंत में किसानों ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
