फ्लाइट में तत्काल उपचार, बची कोटा के रमेश कुमार की जान, डॉ. राशिद खान ने पेश की मानवता की मिसाल

सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र के गांव भींचरी निवासी और सीकेएस अस्पताल से जुड़े प्रसिद्ध आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. राशिद खान ने अपने चिकित्सकीय कौशल और संवेदनशीलता से एक बार फिर यह साबित कर दिया कि डॉक्टर हर परिस्थिति में जीवन रक्षक होते हैं। जानकारी के अनुसार जयपुर और डीडवाना स्थित CKS अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहे डॉ. राशिद खान बीती 20 दिसंबर को चिकित्सकों की एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेकर फ्लाइट से गुवाहाटी से जयपुर लौट रहे थे।

इसी दौरान फ्लाइट में सफर कर रहे कोटा निवासी रमेश कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया गया कि रमेश कुमार को पहले से ही कार्डियक और डायबिटीज की समस्या थी। यात्रा के दौरान वे अचानक बेहोश हो गए और उनके शरीर में कोई हलचल नहीं रही। स्थिति गंभीर देखकर फ्लाइट स्टाफ ने अनाउंसमेंट कर यात्रियों से पूछा कि क्या फ्लाइट में कोई डॉक्टर मौजूद है।
अनाउंस सुनते ही डॉ. राशिद खान तुरंत आगे आए और यात्री रमेश कुमार की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ऑक्सीजन की कमी और शुगर लेवल बिगड़ने के कारण यात्री अचेत हुआ है। बिना एक पल गंवाए डॉ. राशिद खान ने ऑक्सीजन उपलब्ध कराई, प्राथमिक उपचार शुरू किया और लगातार स्थिति पर नजर रखी। कुछ ही समय में रमेश कुमार की हालत में सुधार आने लगा और वे होश में आ गए। डॉक्टर की तत्परता और सूझबूझ से एक यात्री रमेश कुमार की जान बच सकी।


यह घटना केवल चिकित्सा दक्षता की नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की भी सशक्त मिसाल है। फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और स्टाफ ने डॉ. राशिद खान के इस कार्य की सराहना की और सुरक्षित लैंडिंग के बाद रमेश कुमार को आगे के उपचार के लिए मार्गदर्शित किया गया।


इस पूरे घटनाक्रम पर CKS अस्पताल डीडवाना के CEO जुनैद कोटवाल ने कहा कि डॉ. राशिद खान का यह कार्य हमारे अस्पताल और चिकित्सा जगत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित किया है कि डॉक्टर की जिम्मेदारी केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि जहां भी जीवन संकट में हो, वहां डॉक्टर का धर्म शुरू हो जाता है।

इस पूरे घटनाक्रम पर डॉ. राशिद खान ने कहा कि मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि समय रहते यात्री तक पहुंच सका। एक डॉक्टर होने के नाते मेरा पहला कर्तव्य जीवन बचाना है। उस वक्त कोई बड़ा इलाज नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय जरूरी था। रब की कृपा और टीमवर्क से यात्री की जान बच सकी, यही मेरे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।

डॉ. राशिद खान के इस सराहनीय प्रयास की अब हर ओर चर्चा हो रही है और लोग उन्हें मानवता की मिसाल पेश करने वाला चिकित्सक बता रहे हैं। उनके इस कार्य ने समाज में चिकित्सकों के प्रति विश्वास और सम्मान को और मजबूत किया है।

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