वक्फ बोर्ड के उम्मीद पोर्टल पर कुचामन शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की वक्फ संपत्तियों—मस्जिद, ईदगाह, कब्रिस्तान, दरगाह और उनसे संबंधित दुकानों—का सफलतापूर्वक पंजीयन करने वाली टीम का शुक्रवार को मेहराब मस्जिद कमेटी, मोहल्ला चौपादारान की ओर से हौसला अफजाई करते हुए भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर मस्जिद कमेटी के अकीक अहमद उस्मानी और मस्जिद के इमाम शहाबुद्दीन ने साफा बंधन और माल्यार्पण कर पूरी टीम का अभिनंदन किया।

अकीक अहमद उस्मानी ने अपने संबोधन में बताया कि शबीक अहमद उस्मानी के निर्देशन में गठित इस टीम ने उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड करने का जिम्मा पूरी निष्ठा और मेहनत से निभाया। टीम लीडर अजहर खान के नेतृत्व में अलताफ तंवर, अख्तर कारीगर, सद्दाम रंगरेज, सलामत, हबीब मौलानी, इमरान देवड़ा, उमर मौलानी, नवाब शेख सहित सभी सदस्यों ने आपसी तालमेल और टीमवर्क के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि कई बार पोर्टल का सर्वर देर रात ही सुचारु होता था, ऐसे में अजहर खान और उनकी टीम ने पूरी-पूरी रात जागकर डेटा अपलोड किया और तय समय में मिशन को पूरा किया।

इमाम शहाबुद्दीन ने टीम की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण समय की जरूरत है और उम्मीद पोर्टल के माध्यम से यह काम पारदर्शिता और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने खुशी जताई कि कुचामन और आसपास के इलाकों की वक्फ संपत्तियां अब आधिकारिक रिकॉर्ड में सुरक्षित दर्ज हो गई हैं, जो भविष्य में इनके संरक्षण और बेहतर प्रबंधन में सहायक होंगी।
इस अवसर पर शबीक अहमद उस्मानी ने मदरसा इस्लामिया सोसायटी के सदर मोहम्मद सलीम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर, वक्फ बोर्ड के नागौर और डीडवाना – कुचामन जिला प्रभारी राम गोपाल सैनी का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे अभियान में उनका भी सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि टीम के सभी सदस्यों ने मिलकर जिस समर्पण और एकजुटता से काम किया, उसी का परिणाम है कि यह चुनौतीपूर्ण कार्य समय पर और सफलतापूर्वक पूरा हो सका।

कार्यक्रम के दौरान अहसान मनियार, जाकिर खान, एजाज खान, हनीफ शेख, मुन्ना शेख, इस्माइल शेख, शकील कारीगर, अकील गौरी, मजीद गौरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी पहल बताया।
