मारोठ थाना क्षेत्र के सोलाया गांव के पास उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया, जब चलती पिकअप में अचानक आग लग गई, लेकिन मारोठ थाने के कांस्टेबल विक्रम मीणा छुट्टी पर होने के बावजूद बहादुरी, सूझबूझ और मानवता का परिचय देते हुए पिकअप चालक के लिए फरिश्ता बनकर सामने आए।
कांस्टेबल विक्रम मीणा छुट्टी लेकर अपनी निजी गाड़ी से पत्नी के साथ अपने गांव सुरेरा जा रहे थे। इसी दौरान सोलाया के पास सड़क पर चल रही एक पिकअप में आग लगी हुई नजर आई। पिकअप में हलवाई का सामान भरा हुआ था और आग तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विक्रम मीणा ने बिना देरी किए अपनी गाड़ी पिकअप के आगे लगाकर उसे रुकवाया।

इसके बाद विक्रम मीणा और उनकी पत्नी ने पास के घरों से पानी की बाल्टियां मंगवाईं और पिकअप में रखे सामान पर डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। साथ ही जलते सामान को बाहर निकालकर व्यवस्थित किया गया, जिससे आग पूरी तरह फैलने से पहले ही काबू में आ गई। पिकअप चालक खाटू श्याम जी में हलवाई का काम करता है, और यह सामान उसके लिए बेहद अहम था।

घटना को देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई”, क्योंकि यदि समय रहते विक्रम मीणा ने साहसिक कदम नहीं उठाया होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। हलवाई मालिक ने कांस्टेबल विक्रम मीणा का आभार जताते हुए उनके इस मानवीय कार्य की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि विक्रम मीणा मारोठ थाने में आसूचना अधिकारी के रूप में तैनात हैं और इससे पहले भी दो मर्डर मामलों का खुलासा कर चुके हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा भी प्रशंसा की जा चुकी है। इससे पूर्व विक्रम मीणा को नावां उपखंड स्तर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।
छुट्टी के दौरान भी कर्तव्य और संवेदनशीलता निभाने वाले कांस्टेबल विक्रम मीणा के इस सराहनीय कार्य की चर्चा क्षेत्रभर में हो रही है और लोग उनकी खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।

इस बारे में कुचामन सेक्टर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने कहा कि कांस्टेबल विक्रम मीणा ने छुट्टी के दौरान भी जिस तरह कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मानवता का परिचय दिया है, वह पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणादायी है। ऐसे जांबाज पुलिसकर्मी ही खाकी की सच्ची पहचान होते हैं।” उन्होंने विक्रम मीणा के इस सराहनीय कार्य को सबके लिए मिसाल बताया।
