डीडवाना में कस्टोडियन जमीनों को लेकर किसानों का महापड़ाव 17वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जारी है। इसी बीच आज विधायक यूनुस ख़ान दर्जनों किसानों के साथ जयपुर पहुंचे और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास व राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम से मुलाकात कर कस्टोडियन भूमि पर दशकों से बसे वास्तविक कब्जाधारियों को विधिसम्मत अधिकार दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा।

यूनुस ख़ान का पहला बड़ा बयान— “किसानों को डर और असुरक्षा की स्थिति में नहीं रहने दूंगा”
कस्टोडियन भूमि विवाद पर पहली बार खुलकर बोलते हुए विधायक यूनुस ख़ान ने कहा कि सरकार की और से पूरे मामले को सुलझाने के लिए एक समिति बनाई जाएगी । उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री भजन शर्मा सहित सरकार और सभी अधिकारियों का आभार जताया ।उन्होंने कहा की डीडवाना में सैकड़ों परिवार कई पीढ़ियों से कस्टोडियन जमीन पर रह रहे हैं। उन्होंने इसी जमीन को उपजाऊ बनाया, कर जमा किया और इसे अपनी जीविका का आधार बनाया। मेरा स्पष्ट कहना है कि इन परिवारों को उनका विधिसम्मत अधिकार मिलना ही चाहिए, और इसके लिए मैं पूरी गंभीरता से संघर्ष कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने सरकार से मांग की है कि डीडवाना में विशेष सर्वे कराया जाए, हर वास्तविक कब्जाधारी को चिन्हित किया जाए और नियमन व आवंटन की प्रक्रिया को तत्काल लागू किया जाए।

सरकार ने दिया भरोसा, बनेगी समिति
मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आश्वासन दिया कि डीडवाना–कुचामन जिला कलेक्टर को शीघ्र निर्देश जारी कर मामले को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर रही है और पात्र परिवारों को राहत देने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।
शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने बताया कि कस्टोडियन भूमि प्रकरणों के निस्तारण हेतु विशेष समीक्षा प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। साथ ही डीडवाना जैसे प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय समिति गठित कर सर्वे व सत्यापन कार्य तेज किया जाएगा। नियमन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने का आश्वासन भी दिया गया।
किसानों में उम्मीद की किरण
कस्टोडियन जमीन विवाद पर सरकार और प्रशासन की सक्रियता, तथा यूनुस ख़ान के पहले सार्वजनिक बयान ने आंदोलनरत किसानों में उम्मीद की नई किरण जगा दी है कि वर्षों पुराना विवाद अब समाधान की ओर बढ़ सकता है।
