रमेश रूलानिया हत्याकांड में पुलिस की एक और कामयाबी, रोहित गोदारा–वीरेंद्र चारण गैंग को लोकल लॉजिस्टिक सपोर्ट करने वाला आफताब गिरफ्तार

कुचामन सिटी, कुचामन सिटी के बहुचर्चित कारोबारी, रमेश रूलानिया हत्याकांड में कुचामन पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गैंग के सक्रिय सदस्य मोहम्मद अफताब को गिरफ्तार कर हत्या के लिए रची गई साजिश की कड़ियों को और स्पष्ट कर दिया है। खुलासा हुआ है कि अफताब ,रोहित गोदारा और विरेन्द्र चारण गैंग के लिए सिम कार्ड उपलब्ध करवाने, पार्सल पहुंचाने और गैंग के सदस्यों के ठहरने की व्यवस्था करने जैसे अहम काम करता था।एसपी ऋचा तोमर के निर्देशन में, एएसपी नेमीचंद खारिया और सीओ मुकेश चौधरी की सुपरविजन में थानाधिकारी सतपाल सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की।

कैसे आया पुलिस के रडार पर अफताब

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अफताब लंबे समय से गैंग को लोकल लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। वह गैंग के सदस्यों के लिए सिम कार्ड खरीदकर देता, पैकेट और मोबाइल जैसी वस्तुएं इधर-उधर पहुंचाता और ठहरने की सुरक्षित जगहें भी उपलब्ध करवाता था।

पुलिस का कहना है कि रोहित गोदारा और विरेन्द्र चारण , युवाओं को छोटे काम, पैसों का लालच और विदेश में सेटल कराने का झांसा देकर अपने गिरोह में शामिल करते थे। इसी जाल में फंसकर अफताब भी गैंग में शामिल हो गया था।

जानिए पूरी घटना

7 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 5:20 बजे कारोबारी रमेश रूलानिया रोजाना की तरह जिम में वर्कआउट के लिए गए थे। उसी दौरान एक युवक जिम में घुसा और उन पर फायर कर फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल रूलानिया को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

अब तक की कार्रवाई

घटना के बाद कुचामन पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए पहले ही दिनेश, खुशीराम, रामकेश, रामसिंह, किशनलाल, सफीक खान और पवन चारण को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसके बाद मुख्य आरोपी — गणपत गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर, महेश गुर्जर और जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

इसी क्रम में 15 नवंबर को सुरेन्द्र पालावत और राहुल माण्डिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और अब गैंग के लॉजिस्टिक मैनेजर की भूमिका निभाने वाला मोहम्मद अफताब भी पुलिस के शिकंजे में है, जिसे कोर्ट ने 19 नवंबर तक पीसी रिमांड पर भेजा है।

इस पुलिस टीम की रही कार्रवाई

थानाधिकारी सतपाल सिंह की अगुवाई में कॉन्स्टेबल प्रेमचंद, आत्माराम (साइबर सेल), राजकुमार, लालसिंह, छोटूराम और जितेन्द्र ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस अब अफताब से गैंग की और कड़ियाँ, फंडिंग रूट, अन्य लोकल सपोर्ट और हथियार सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है।

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