कुचामन शहर में चल रही नई पेयजल वितरण प्रणाली एवं सीवरेज परियोजना के तहत राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP) द्वारा सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अधीक्षण अभियंता नेमीचंद पवार के निर्देशन, अधिशाषी अभियंता राजकुमार मीणा के मार्गदर्शन और सहायक अभियंता अनिल सैनी के सहयोग से श्री सागरमल बानूड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ।कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों को जल संरक्षण, सीवरेज प्रणाली और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व से अवगत कराना था।

कैप के सामाजिक विकास विशेषज्ञ देवेन्द्र सिंह ने बच्चों को नई जल प्रदाय योजना के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नई योजना से शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में पूर्ण प्रेशर के साथ पानी मिलेगा। जलमीटर लगने से जल उपभोग पर पारदर्शिता बढ़ेगी और लोग आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे घरों में पानी की बर्बादी रोकने में परिवारजनों को भी जागरूक करें।

देवेन्द्र सिंह ने कहा कि पानी की एक-एक बूंद की बचत ही भविष्य की सुरक्षा है। आज का बचाया पानी कल की प्यास बुझाएगा। कार्यक्रम में कैप की सविता शर्मा ने विद्यार्थियों को सीवरेज प्रणाली के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर के टॉयलेट, रसोई और बाथरूम को सीवरेज लाइन से जोड़े जाने से गंदा पानी खुले में नहीं बहेगा, जिससे शहर स्वच्छ और रोगमुक्त रहेगा। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली भूमिगत जल प्रदूषण रोकने, मच्छरों-मक्खियों में कमी लाने और जलजनित बीमारियों से बचाव में सहायक है। साथ ही इससे घरों में सीलन कम होगी और रखरखाव पर आने वाला खर्च भी घटेगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य आनन्द वैष्णव ने आरयूआईडीपी परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा हम सबका सहयोग ही इस परियोजना को सफल बनाएगा और कुचामन को स्वच्छ व सुन्दर बनाएगा।”विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक रामअवतार स्वामी ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई और कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने स्तर पर पानी की बचत की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

विद्यालय की शिक्षिका अजू शर्मा ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही जल और स्वच्छता के महत्व को समझें और आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बनें।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की तीणा त्रिवेदी, शबनम बानो, प्रियंका मौर्य और विमला देवी ने भी शिरकत की और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का समापन बच्चों द्वारा “जल है तो कल है” के नारों और शपथ के साथ हुआ।

