गोवर्धन पूजा पर्व : ग्रामीण अंचल में परंपरा और आस्था का संगम, हर्षोल्लास के साथ मनाया गया त्योहार

देशभर में दीपावली पर्व की धूम के बीच आज गोवर्धन पूजा का पर्व शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा करने की कथा को याद किया और आस्था के साथ पूजा-अर्चना की।

ग्रामीण अंचल में महिलाओं ने सुबह-सुबह घरों की लिपाई-पुताई कर आंगन को सजाया। गाय के गोबर से गोवर्धन महाराज की प्रतिमा बनाकर उसे फूल, रोली, मोली, चावल, दही और घी के दीपक से सजाया गया। परिवार के सभी सदस्य एकत्र होकर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम वर्षा की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की।

कुचामन क्षेत्र के गोपालपुरा, दीपपुरा, शिवदानपुरा, सुजानपुरा, जसवंतपुरा, पांचवा, कुकनवाली, चितावा, इंडाली, मूनपुरा, हिराणी, भांवता ,खारिया, आसपुरा, जोड़पुरा, चांदपुरा , जिलिया और चारणवास सहित कई गांवों में यह पर्व परंपरागत उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह किसानों और पशुपालकों ने कृषि यंत्रों, गाय-भैंस जैसे पशुधन की पूजा की और समृद्धि की प्रार्थना की।

गोपालपुर निवासी परसाराम बुगालिया ने बताया कि दीपावली के दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्र में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व होता है। किसान इस दिन गोवर्धन महाराज से अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना करते हैं।

इस तरह गांवों के आंगन में आज परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का सुंदर संगम देखने को मिला — जहां मिट्टी, गोबर, गाय और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति एक साथ झलकती रही।

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