“निकाह को आसान बनाइए, रस्मों को नहीं” — इसी सोच को हक़ीक़त में उतारते हुए KKYB की पहल अब समाज में नई मिसालें कायम कर रही है। बुधवार को छोटी बेरी के प्रतिष्ठित दिलावर खानी परिवार ने एक और प्रेरणादायक कदम उठाते हुए अपने लाड़ले बेटे मनीष ख़ान का निकाह डीडवाना निवासी लतीफ़ ख़ाँ की सुपुत्री सोफिया बानो के साथ पूरी तरह से बिना लेन-देन और अनावश्यक रस्मों के संपन्न किया।

निकाह समारोह सादगी और सुन्नत के अनुरूप हुआ, जिसमें महज़ एक कुरान-ए-पाक और जानमाज़ देकर रिश्ता मुकम्मल किया गया। निकाह प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दिखावे या गैर-जरूरी परंपरा को स्थान नहीं दिया गया।

दूल्हे के दादाजी मुकारब ख़ान दिलावर खानी ने कहा कि “हमारा मकसद समाज को यह बताना है कि निकाह को आसान बनाना ही सुन्नत है। गैर-ज़रूरी रस्मों और दहेज की परंपराओं से हमें दूर रहना चाहिए। अगर हर परिवार यह संकल्प ले ले तो समाज से दहेज जैसी बुराई स्वतः समाप्त हो जाएगी।”

वहीं दूल्हे के चाचा और KKYB से जुड़े शौकत ख़ान दिलावर बेरी (SKD) ने कहा कि “यह निकाह केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है। हम इंशा अल्लाह अपने अहद पर कायम रहेंगे और आगे भी ऐसी बिना लेन-देन, सादगीपूर्ण शादियाँ करते रहेंगे। जब तक समाज खुद पहल नहीं करेगा, तब तक बदलाव मुश्किल है। लेकिन आज के इस निकाह ने दिखा दिया कि सच्चे इरादे से सब मुमकिन है।”
इस नेक पहल से इलाके में चर्चा है और लोग इसे समाज में दहेज-मुक्त विवाह की नई दिशा के रूप में देख रहे हैं। KKYB के प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि जब नीयत साफ़ हो तो खुशियाँ दिखावे से नहीं, सादगी और सुन्नत से बढ़ती हैं।
