69वीं राज्य स्तरीय विद्यालयी बालिका कबड्डी प्रतियोगिता के सुपर-8 मुकाबलों ने आकोदा के शिशु विहार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान को रोमांच, जोश और उत्साह से भर दिया हैं । ग्रामीण खेलों की परंपरा से जुड़ी इस प्रतियोगिता में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

प्रतियोगिता संयोजक उगमा राम चौधरी ने बताया कि आकोदा का चयन आयोजन स्थल के रूप में बेहद उपयुक्त साबित हुआ है। प्रतिदिन पाँच हजार व्यक्तियों के भोजन, पंद्रह सौ खिलाड़ियों और दलाधीपतियों के आवास तथा परिवहन की बेहतरीन व्यवस्था की गई है।
खेल प्रभारी निदेशालय बीकानेर से पहुँचे हेमाराम चौधरी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर कहा कि शारीरिक शिक्षकों की मेहनत मैदान पर साफ झलकती है। वे न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं, बल्कि उनमें ऐसी ऊर्जा का संचार करते हैं जो दर्शकों को भी प्रभावित करती है।

बीसीएमएचओ डॉ. अजीत सिंह बलारा ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही व्यक्तित्व विकास की नींव है, और खेल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर सीबीओ सब्बीर खान व एसीबीओ शिवराज सिंह भी मौजूद रहे।
सुपर-8 मुकाबलों में चूरू खेल अकादमी की दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुँच गई हैं। 19 वर्ष वर्ग में जयपुर, बालोतरा और सीकर जबकि 17 वर्ष वर्ग में बीकानेर, गंगानगर और बाड़मेर की टीमें सेमीफाइनल में जगह बना चुकी हैं।
उप जिला खेल अधिकारी राजेश कुमार धूत ने बताया कि नवगठित जिले में पहली बार चार स्थानों पर एक साथ राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। आकोदा में कबड्डी, कुचामन की आस्था स्कूल में 14 वर्षीय बालिका खो-खो, परबतसर की रॉयल सैनिक स्कूल में 19 वर्षीय छात्र क्रिकेट और खिदरपुरा कुचामन में 17 व 19 वर्षीय बालिका खो-खो प्रतियोगिताएँ चल रही हैं।

उन्होंने कहा कि मैदान, भोजन, आवास और परिवहन की व्यवस्था को लेकर टीम ने शानदार काम किया है ताकि खिलाड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रतियोगिता संचालन में भगवान सिंह राठौड़, वासूदेव बलारा, निशा सोनी, लिक्षमन सिंह राठौड़, कुशाला राम, पुष्पेंद्र महला, पारस परिहार, रामनिवास पादड़ा, जसवीर सिंह, रामदेव ज्याणी, नानूराम और सुनील साहरण सहित कई शिक्षक अहम भूमिका निभा रहे हैं ।
