अकोदा में आयोजित हो रही 69वीं राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में मेजबान डीडवाना का विजय रथ लगातार आगे बढ़ रहा है। खेल मैदान में जहां बेटियाँ अपनी ताकत और हुनर का लोहा मनवा रही हैं, वहीं प्रो कबड्डी खिलाड़ी और अधिकारी उनके हौसले बढ़ाने मैदान पर मौजूद रहे।

डीडवाना की दोहरी जीत से गूँजा मैदान
प्रतियोगिता के दूसरे दिन शानदार मुकाबले देखने को मिले। मेजबान डीडवाना ने 19 वर्ष वर्ग में दोसा को हराकर जीत दर्ज की, वहीं 17 वर्ष वर्ग में भीलवाड़ा को मात दी। दोनों ही जीतों ने डीडवाना का मनोबल और ऊँचा कर दिया।
दूसरे दिन के अन्य मुकाबलों में 19 वर्ष वर्ग में बीकानेर ने झुंझुनू, करौली ने उदयपुर, डूंगरपुर ने बांसवाड़ा, बूंदी ने धौलपुर, सीकर ने भीलवाड़ा, जयपुर ने टोंक, नागौर ने जैसलमेर, बाड़मेर ने सिरोही, गंगानगर ने जालौर और बालोतरा ने अलवर को हराया। वहीं 17 वर्ष वर्ग में अजमेर ने राजसमंद, सलूम्बर ने प्रतापगढ़, चित्तौड़ ने बांसवाड़ा, बालोतरा ने जालौर, चूरू अकादमी ने हनुमानगढ़, जयपुर ने जैसलमेर, जोधपुर ने झालावाड़ और सीकर ने टोंक को शिकस्त दी।

दूसरे दिन प्रतियोगिता स्थल आकोदा में प्रो कबड्डी खिलाड़ी मनोज लोरा गोरा पहुँचे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कबड्डी अब गाँव और ढाणियों से निकलकर महानगरों की चकाचौंध तक पहुँच चुकी है। लोरा ने विशेष रूप से बेटियों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि हमें लड़कियों को और अवसर व संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।

इस दौरान सीबीइओ हरलाल कालेर ने कहा कि छोटे-छोटे गाँवों में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन यह साबित करता है कि राजस्थान का हर गाँव खेलों के प्रति जागरूक हो चुका है।
“हम बेहतर संचालन कर रहे हैं” – उप जिला खेल अधिकारी धूत
डीडवाना जिले के उप जिला खेल अधिकारी राजेश कुमार धूत ने प्रतियोगिता का निरीक्षण करते हुए कहा कि जिले में एक साथ चार जगह राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं चल रही हैं। कबड्डी, खो-खो और क्रिकेट प्रतियोगिताओं की जिम्मेदारी डीडवाना को मिली है। धूत ने बताया कि प्रदेशभर से करीब पाँच हजार खिलाड़ी और एक हजार दलाधिपति जिले में आए हैं और हम सबकी पूरी देखभाल कर रहे हैं ताकि डीडवाना जिले की छवि प्रदेशभर में सशक्त बन सके।

संयोजक उगमा राम चौधरी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतियोगिता का दायित्व मिलना उनके लिए सम्मान की बात है।
जब बाप-बेटी की टीमें आई आमने-सामने
प्रतियोगिता के दौरान एक बेहद दिलचस्प पल उस समय देखने को मिला जब 19 वर्ष वर्ग में डीडवाना-कुचामन टीम और बूंदी टीम आमने-सामने हुईं।
डीडवाना टीम का नेतृत्व प्रभारी मेघा राम दड़िया कर रहे थे जबकि बूंदी टीम की कोच वरिष्ठ शारीरिक शिक्षिका सुमन दड़िया थीं। पिता और बेटी का यह आमना-सामना मुकाबले को और भी रोमांचक बना गया। अंततः कुछ अंकों के अंतर से पिता ने जीत हासिल की, लेकिन खेल मैदान पर यह पल सभी के लिए अविस्मरणीय रहा।

प्रतियोगिता को सफल बनाने में जुटे प्रतियोगिता को कामयाब बनाने में
प्रतियोगिता के सफल संचालन में नानूराम, वासुदेव बलारा, सब्बीर खान, पर्यवेक्षक गिरधारी महला, निशा सोनी सहित अनेक लोग अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
