ग्रामीण सेवा शिविर में कलेक्टर की संवेदनशील पहल, दृष्टिबाधित सोनू को मिला दिव्यांगता प्रमाण पत्र

डीडवाना, सेवा पर्व पखवाड़ा के तहत आयोजित हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल साबित हो रहे हैं। डीडवाना उपखंड की ग्राम पंचायत धनकोली में लगे शिविर के दौरान ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब जिला कलेक्टर डॉ महेंद्र खड़गावत ने एक दृष्टिबाधित बालिका के मामले को गम्भीरता से लेते हुए तुरंत समाधान करवाया।

शिविर में ग्रामीण राजूराम ने जिला कलेक्टर को निवेदन किया कि उनकी 13 वर्षीय पुत्री सोनू दृष्टिबाधित है, लेकिन अब तक उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। इस वजह से वह राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने से वंचित है।

जिला कलेक्टर डॉ खड़गावत ने मामले को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नरेंद्र चौधरी को आवश्यक निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही विशेषज्ञ चिकित्सक टीम शिविर में पहुंची और सोनू की जांच कर मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया

इस मौके पर जिला कलेक्टर डॉ महेंद्र खड़गावत ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ही आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पाने में देरी न हो। उन्होंने कहा कि हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना जिला प्रशासन का दायित्व है।

पुत्री का प्रमाण पत्र मिलने पर राजूराम भावुक हो उठे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिला प्रशासन व राजस्व विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर की संवेदनशीलता और शिविर की उपयोगिता ने उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी।

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