कुचामन सिटी में हिंदी दिवस पर तीन दिवसीय समारोह सम्पन्न, विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह बने आकर्षण का केंद्र

राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस के अवसर पर कुचामन सिटी के श्री कुचामन पुस्तकालय में आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक कार्यक्रमों का रविवार को गरिमामय समापन हुआ। समापन दिवस पर हिंदी भाषा सम्मान समारोह एवं “हिंदी भाषा : हमारा राष्ट्र गौरव” विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें साहित्यकारों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध समाजसेवी ओमप्रकाश भोमराजका व निर्मला भोमराजका ने की। मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा, साहित्यकार डॉ. सुरेन्द्र डी. सोनी और कवि हरिराम गोपालपुरा (सुजानगढ़) ने अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. सोनी ने हिंदी को “आत्म उत्थान और आत्मीयता की भाषा” बताते हुए इसकी वैज्ञानिकता और सरलता पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. कच्छावा ने हिंदी साहित्य, पत्रकारिता और सिनेमा के योगदान को रेखांकित करते हुए इसे राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया। कवि हरिराम गोपालपुरा ने अपनी काव्य प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरी।
मुख्य अतिथि ओमप्रकाश भोमराजका ने हिंदी को भारतीय जनमानस की आत्मा बताते हुए कहा कि यह भाषा सहज भावनाओं को अभिव्यक्त करती है और देश की एकता को मजबूती देती है।

हिंग्लिश पर चिंता और AI में हिंदी की वैज्ञानिकता

विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने आधुनिक दौर में बढ़ती हिंग्लिश को भाषा की शुद्धता के लिए खतरा बताया और युवाओं से हिंदी से जुड़ने की अपील की। साथ ही यह भी बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक शोधों में भी हिंदी और संस्कृत को वैज्ञानिक भाषाओं में गिना गया है।

इस अवसर पर डॉ. दिलीप पारीक, डॉ. रविन्द्र राजावत, पूर्व पार्षद अहमद अली और छगनलाल शर्मा ने भी अपने विचार रखे। छात्रा देशना शर्मा ने कविता पाठ कर सभी का मन मोह लिया।
समारोह में आयोजित हिंदी अन्त्याक्षरी और काव्यपाठ प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद राशि, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ।

इससे पहले 12 सितम्बर को कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती पूजन, पुस्तक प्रदर्शनी और हिंदी अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता से हुई थी। 13 सितम्बर को हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने हिंदी कवियों की रचनाओं और अपनी स्वरचित कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सत्यप्रकाश शर्मा ने प्रभावशाली शैली में किया, जबकि संयोजक सुनील कुमार माथुर और अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र पारीक ने सभी अतिथियों व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक—सुरेश वर्मा, मृदुला कोठारी, सत्यनारायण मोर, रमेश चावला, भानु प्रकाश औदिच्य, मुरारी गौड़, विमल पारीक, लक्ष्मण शर्मा, किशनलाल भार्गव, मोहनलाल सोनी, डॉ. ईश्वर राम बेड़ा, गोविन्द राम उपाध्याय, मनोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय इस आयोजन ने न केवल हिंदी की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित किया, बल्कि नई पीढ़ी को भाषा की महत्ता से भी परिचित कराया।

error: News 1 Rajasthan