कुचामन सिटी। सोशल मीडिया पर अपने हास्य और पारिवारिक मूल्यों से जुड़े वीडियो के जरिए पहचान बना चुकीं मारवाड़ी ‘भुआजी’ फेम सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर शोभा मुथा के कुचामन आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कुचामन विकास समिति (कुविस) के तत्वावधान में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में शहरवासियों का उत्साह देखने लायक रहा।

कुचामन विकास समिति के प्रकाश दाधीच ने जानकारी देते हुए बताया कि शोभा मुथा इन दिनों कुचामन प्रवास पर हैं। सोमवार को जब वे समिति कार्यालय पहुंचीं, तो समिति अध्यक्ष ओम प्रकाश काबरा और महिला मंडल की अध्यक्ष बरखा रानी पाटनी के नेतृत्व में उनका अभिनंदन किया गया।

इस दौरान ओम प्रकाश काबरा ने उन्हें राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया, वहीं महिला मंडल की ओर से भी विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर शोभा मुथा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज के समय में सास-बहू के रिश्तों को लेकर अक्सर विवाद और दूरियों की खबरें सामने आती हैं, लेकिन उनका प्रयास हमेशा सकारात्मक संदेश देने का रहता है। उन्होंने कहा कि वे, उनके पुत्र प्रतीक मुथा और पुत्रवधू दिव्यांशी मुथा के साथ मिलकर, अपने वीडियो के माध्यम से सास, और बहू के रिश्ते को मधुर बनाने की कोशिश करते हैं।

कई वीडियो में हमने दोनों को हंसते-हंसते एक साथ लाने का प्रयास किया है। मेरी युवा पीढ़ी से अपील है कि जिस तरह वे अपनी मां का सम्मान करते हैं, उसी तरह अपनी सास का भी सम्मान करें। वहीं सास भी बहू को बेटी की तरह अपनाए—तभी परिवार में खुशहाली बनी रहेगी।
उन्होंने आगे कहा कि उनके वीडियो का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में रिश्तों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है और वे आगे भी इसी दिशा में कार्य करती रहेंगी।
शोभा मुथा और उनके परिवार के वीडियो हमेशा राजस्थानी भाषा में ही होते है और हमेशा कुछ ना कुछ संदेश देखने वालों को देते हैं ।

गौरतलब है कि शोभा मुथा कुचामन के प्रसिद्ध चिकित्सक रहे स्वर्गीय डॉ. महेश नारायण पुरोहित की सुपुत्री हैं। डॉ महेश नारायण पुरोहित कुचामन सिटी में जाना माना नाम रहा है और आज भी लोग उनको ,उनकी चिकित्सकीय सेवाओं और मधुर व्यवहार के लिए याद करते हैं। शोभा मुथा की प्रारंभिक शिक्षा भी कुचामन में ही हुई है। वर्षों बाद अपने शहर लौटीं कुचामन की बेटी शोभा को यहां के लोगों से वही अपनापन और स्नेह मिला, जिसे याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे भले ही जोधपुर में रहती हैं, लेकिन उनका दिल हमेशा कुचामन में ही बसता है।
